वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
पृष्ठ 503, कुल 835 में से
संदर्भ में पढ़ेंलुक् च" -> "ताडेर्णिंलुक् च" (there is an anusvara on णि).
"ताडयतीति तडित् ॥ शमेष्ठः ॥ बाहुलकादित्संज्ञा एयादेश इद्"
Wait, is it "शमेष्ठः" or "शमेष्ठन्"?
In line 18: "शमेष्ठः ॥"
Line 19:
"च न ॥ शण्ठः स्यात्पुंसि गोपत्तौ । शण्ठः क्लीवः ॥ कमेरण्ठः ॥ कमठः । कमठः कच्छपे"
Wait, "गोपत्तौ" or "गोपतौ"?
It has double त: "गोपत्तौ" (or "गोपतौ")?
Wait, Amara: "शण्ठो गोपतौ" or "गोपत्तौ"? It looks like "गोपत्तौ".
Then: "कमेरण्ठः ॥ कमठः । कमठः कच्छपे"
Wait, why "कमेरण्ठः" -> "कमठः"?
Wait, sutra in line 18 is "शमेष्ठः", then line 19 "कमेरण्ठः" or "कमेरठः"?
Look at line 19:
"क मे र ठः ॥ कमठः ।"
Wait, is there an ण? No!
"कमेरण्ठः" or "कमेर