सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

पृष्ठ 373, कुल 835 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 373

" इति ।
In line 12: इदरिद्रस्य ३ (the mark is superscript ३, which looks like an ai-matra or ३).
Where is footnote 4?
४ श्राभ्यस्तयोरात इति ।
In line 13: श्नाभ्यस्तयोरातः (or श्राभ्यस्तयोरातः).
Where is footnote 5?
५ ओ इत्येवेति ।
In line 14: ओ५ इत्येव सिद्धे (superscript ५ after ओ).
Where is footnote 6?
६ आलोपे इति ।
In line 16: आलोपो वाच्यः (or आलोपे).
Where is footnote 7?
७ आम् नेति ।
In line 15: अत एव ज्ञापकाद्दामन्नेत्येके (ज्ञापकादाम् न इत्येके).
Where is footnote 8?
८ सनि ण्यङिति ।
In line 17: सनि ण्यङ्लि ल्युटि च न* (or * is footnote 8).

Let's check line 8 again:
'अतो हलादेरिति बाधित्वा 'अतो ल्रान्त-
Wait, let's look at the exact characters in line 8:
ततो ' अतो हलादेरिति बाधित्वा ' अतो ल्रान्त-
Wait, is it 'अतो ल्रान्त-' or 'अतोल्लान्त-'?
Look at: ' अ