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सर्वकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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् वा" ?????
OH WOW! Look at 3.1.58:
"जॄस्तम्भोश्च्छन्दसि"? No:
Wait, look at Panini 3.1.something:
Wait, let's check Ashtadhyayi 3.1:
3.1.53 लिपिसिचिह्वश्च
3.1.54 आत्मनेपदेष्वन्यतरस्याम्
3.1.55 पुषादिद्युताद्य्लदितः परस्मैपदेषु
3.1.56 सृतिशास्त्यर्तिभ्यश्च
3.1.57 इरितो वा
3.1.58 ?
Wait, what is 3.1.58?
Could 3.1.58 be:
Wait, is 3.1.58 in Ashtadhyayi:
"निश्रिद्रुस्रुभ्यः कर्तरि चङ्" is 3.1.48!
What are 3.1.58, 59...?
Wait:
53 लिपिसिचिह्वश्च
54 आत्मनेपदेष्वन्यतरस्याम्
55 पुषादिद्युताद्य्लदितः परस्मैपदेषु
56 सृतिशास्त्यर्तिभ्यश्च
57 इरितो वा
58 ... wait! Is there a vartika on 3.1.something:
"जॄ