त्रिपुरारहस्य (ज्ञान खण्ड - महर्षि दत्तात्रेय-परशुराम संवाद सान्वय सटीक)

त्रिपुरारहस्य (ज्ञान खण्ड - महर्षि दत्तात्रेय-परशुराम संवाद सान्वय सटीक)
Tripura Rahasya Jnana Khanda with Hindi Commentary
महर्षि दत्तात्रेय / भगवान् परशुराम द्वारा
DevanagariHindipublished404 पृष्ठ
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शुद्धिपत्रम् ३७१
पृष्ठ भाषा पंक्ति अशुद्ध शुद्ध
३१५ हिन्दी ९ मुक्ति युक्ति
३१६ ” १२ होनेपर नहीं होनेपर अन्धकार नहीं
३१८ ” ६ भेद-कल्पना भेद कल्पना
३२७ ” अन्तिम हा गया हो गया
३३४ ” १३ जिस प्रकारकी जिस प्रकार
३४१ संस्कृत १० सूक्ष्मा ग्राह्यत्वतो सूक्ष्मऽग्राह्यत्वतो
३४२ हिन्दी ८ अवृत आवृत्त
३४३ ” १ और और
३४८ ” १ राजाओंमें मनुष्योंमें
३५० ” ७ इसने इसमें
३५३ ” ८ कम कर्म
३५५ संस्कृत ९ नान्तविकृति- नान्तः विकृति-
३६० ” १ दुर्घट कविधायिनः दुर्घटैकविधायिनी
३६१ हिन्दी १४ उन उनके
३६४ ” १४ रूप रूपमें
३६६ ” १ चित्-शक्ति ही चित्-शक्ति त्रिपुरा ही