त्रिपुरारहस्य (ज्ञान खण्ड - महर्षि दत्तात्रेय-परशुराम संवाद सान्वय सटीक)
Tripura Rahasya Jnana Khanda with Hindi Commentary
महर्षि दत्तात्रेय / भगवान् परशुराम द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंशुद्धिपत्रम्
पृष्ठ भाषा पंक्ति अशुद्ध शुद्ध
३ संस्कृत ७ हर्षो नायत्रोम- हर्षोऽमायत्रोम-
९ ,, ७ अहोविचार- अहोऽविचार-
१४ ,, ११ प्रष्टुं स्प्रष्टुं
१७ हिन्दी २ कुवन्नेवेह कुर्वन्नेवेह
२१ संस्कृत ६ शीललदेहः शीतलदेहः
,, ,, १३ तदास्ति तदस्ति
४७ ,, ७ मपि मयि
४८ ,, ७ योषितो ऽन्यन्त- योषितोऽत्यन्त-
,, हिन्दी ५ पुनः पुनः पुनः
५३ संस्कृत १३ त्रानखण्डे ज्ञानखण्डे
६७ ,, १२ भुनक्त्यतिरां भुनक्त्यतितरां
७४ टिप्पणी अन्तिम श्रति श्रुति
८१ संस्कृत ,, प्रियाहँ प्रियाहं
१०१ हिन्दी ६ अतिवृत्ति अनिवृत्ति
१०३ ,, २ कम कर्म
,, ,, ७ बात नहीं हैं बात ऐसी नहीं है
१०६ ,, २ स्थल स्थूल
१०९ ,, १ साधन सैकड़ों साधन
११० ,, ५ "ऐसा "ऐसा-
१११ संस्कृत ७ सुनिमल- सुनिर्मल-
११२ हिन्दी ६ असली असती
११३ संस्कृत ७ -विधौ -विधो
११८ हिन्दी ८ धनोपाजन धनोपार्जन
१४१ संस्कृत १० -परायणताः -परायणाः
१४६ हिन्दी अन्तिम सद्रप सद्रूप
१४७ ,, ११ सान्यावस्था- साम्यावस्था-
,, ,, १२ भाव कारण
,, ,, १४ प्रश्यय प्रलय
१४८ ,, अन्तिम परमेश्वरमें परमेश्वरने
१४९ संस्कृत २ तथा यथा
१५३ हिन्दी १२ अवस्थाथै अवस्थामें
१५४ ,, अन्तिम मान भान