तिरुक्कुरळ् (सन्त तिरुवल्लुवर - तमिल वेद / उत्तरवेद: धर्म, अर्थ एवं काम सविस्तार हिन्दी भाषान्तर)
Tirukkural of Saint Tiruvalluvar in Hindi
सन्त तिरुवल्लुवर (अनुवादक: खेमानन्द 'रहत') द्वारा
पृष्ठ 27, कुल 334 में से
संदर्भ में पढ़ें4 भूमिका
तिरुक्कुरळ् के शब्द सौन्दर्य एवं अर्थ गाम्भीर्य का सुन्दर सामंजस्य सहृदय
पाठक को स्वभावतः भावमय एवं रसमय कर देता है ।
तिरुक्कुरळ् के अनेक नाम प्रचलित हैं जिनमें से एक 'तिरुवळ्ळुवर'
भी है जो इसके लेखक का भी नाम है । वस्तुतः यह उचित ही है क्योंकि
दोनों में इतना अन्योन्याश्रय सम्बन्ध है, इतनी अभिन्नता है कि वे एक दूसरे से
पृथक् नहीं किये जा सकते । तिरुक्कुरळ् तिरुवळ्ळुवर की एकमात्र कृति है ।
तिरुवळ्ळुवर के जीवन में तिरुक्कुरळ् पूर्णतः ठीक उतरता है । तिरुवळ्ळुवर को
ही तिरुक्कुरळ् के लिए आदर्श रूप में ले सकते हैं । तिरुवळ्ळुवर का
जीवन ही 'तिरुक्कुरळ्' था । तिरुवळ्ळुवर ही तिरुक्कुरळ् थे और वे आज हमारे
सम्मुख एक ग्रन्थ के रूप में उपस्थित हैं और सदा रहेंगे । तिरुक्कुरळ् ही
तिरुवळ्ळुवर है ।
तिरुवळ्ळुवर का वास्तविक नाम अज्ञात है । कबीर, सूर, तुलसी आदि के
समान अपने काव्य में इन्होंने अपने नाम को 'जड़ा' नहीं है । 'तिरु'
एक आदरसूचक उपसर्ग मात्र है, और 'वळ्ळुवर'¹ उनकी जन्मगत एक अत्यन्त
निम्न-कोटि की जाति का नाम है । विद्वानों का विचार है कि इन दो शब्दों के
संयोग से ही कवि का प्रस्तुत नाम प्रचलित हुआ । सन्त कवि कबीर के समान
ही इनके जन्म के सम्बन्ध में भी अनेक प्रकार की किंवदन्तियां प्रचलित हैं ।²
- வள்ளுவன் (वळ्ळुवन) 1. A paraiya caste, the members of
which are royal drummers, and priests for paraiyas. - One who foretells events by Omens. 3. An officer
who proclaims the king’s commands. 4 The author of
‘Kural’ (Tamil Lexicon, P 3552). - “A wild and utterly incredible tradition assigns him a
Brahmin father and a low caste mother..” G. U. Pope,
‘The Sacred Kural’, P. ii. Introduction.