तिरुक्कुरळ् (सन्त तिरुवल्लुवर - तमिल वेद / उत्तरवेद: धर्म, अर्थ एवं काम सविस्तार हिन्दी भाषान्तर)
Tirukkural of Saint Tiruvalluvar in Hindi
सन्त तिरुवल्लुवर (अनुवादक: खेमानन्द 'रहत') द्वारा
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अध्याय पृष्ठ
३. सन्यास-धर्म .... .... 73
२५. दयालुता ... ... 73
२६. मांसाहार-निषेध ... ... 75
२७. तपस्या ... ... 77
२८. दुराचरण ... ... 79
२९. चोरी न करना ... ... 81
३०. सत्य बोलना ... ... 83
३१. क्रोधित न होना ... ... 85
३२. बुरा न करना ... ... 87
३३. अहिंसा ... ... 89
३४. अस्थिरता ... ... 91
३५. सन्यास ... .... 93
३६. तत्त्व-ज्ञान ... ... 95
३७. तृष्णा-दमन ... ... 97
४. भाग्य .... .... 99
३८. भाग्य ... .... 99
२. अर्थ
१. शासन-विधान .... .... 103
३९. नरेश के गुण-कर्म ... ... 103
४०. शिक्षा ... ... 105
४१. अशिक्षा ... ... 107
४२. श्रवण ... ... 108
४३. बुद्धिमत्ता ... ... 111
४४. दोष-निरोध ... ... 113
४५. श्रेष्ठों का साहचर्य ... ... 115
४६. कुसंग का त्याग ... ... 117
४७. बोधयुक्त कर्म ... ... 119
४८. शक्ति का बोध ... ... 121
४९. समय का बोध ... ... 123
५०. स्थल का बोध ... ... 125
५१. विचारपूर्ण चुनाव ... ... 127
५२. समझकर कर्म कराना ... ... 129