१८५७ का स्वातन्त्र्य समर (वीर विनायक दामोदर सावरकर - अंग्रेजों द्वारा छपने से पूर्व प्रतिबन्धित महाग्रन्थ)

१८५७ का स्वातन्त्र्य समर (वीर विनायक दामोदर सावरकर - अंग्रेजों द्वारा छपने से पूर्व प्रतिबन्धित महाग्रन्थ)
The Indian War of Independence 1857 by V.D. Savarkar
स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर द्वारा
DevanagariHindipublished638 पृष्ठ
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THE VOLCANO
Jhansi declared, “ Give up my Jhansi ?—I will not ! Let
him try to take who dares !!” “ Mêri Jhansi döongi
nahin ! !” 10
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