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सर्वकोश
ताण्ड्य महाब्राह्मण / पञ्चविंश ब्राह्मण (सायण भाष्य एवं चिन्नस्वामी शास्त्री टीका सहित)

ताण्ड्य महाब्राह्मण / पञ्चविंश ब्राह्मण (सायण भाष्य एवं चिन्नस्वामी शास्त्री टीका सहित)

Tandya Mahabrahmana with Sayanacharya Commentary

महर्षि ताण्डि (भाष्यकार: श्रीमत् सायणचार्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished518 पृष्ठ

पृष्ठ 112, कुल 518 में से

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पृष्ठ 112

ः? Wait, is there a visarga or मासः? It is मासः! In Vedic: द्वादश मासः(accusative plural of मास, likeमासःinstead ofमासान्`).

Line 21:
न्नाद्यमाप्नुवन् ॥ २ ॥

Now let's check the Sayanabhashya for Mantra 2 (lines 22-31):
Line 22:
तुशब्दो वैलक्षण्यद्योतनार्थः, तासामेव गवां मध्ये काश्चिदब्रुवन्

Line 23:
किमित्युच्यते, यौ द्वादशौ द्वादशसंख्यापूरकावेव शिष्टावेकादशद्वा-

Line 24:
दशौ मासौ इमौ आ सामहा एवं अनुष्ठायैव अनुष्ठाय प्रारब्धं संव-
Wait, look at: इमौ आ सामहा एवं अनुष्ठायैव?
Look at line 24:
दशौ मासौ इमौ आ सामहा एवं अनुष्ठायैव?
Wait, is there a space: इमौ आ सामहा or इमौ आ सामहा?
Wait, look at the text:
दशौ मासौ इमौ आ सामहा एवं अनुष्ठायैव अनुष्ठाय प्रारब्धं संव-
Wait, in line 24, look after `मा