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सर्वकोश
तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

Taittiriya Aranyaka with Sayanacharya Commentary

कृष्ण यजुर्वेदीय महर्षि मण्डल (भाष्यकार: श्रीमत् सायणाचार्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished914 पृष्ठ

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पृष्ठ 908

८० ] सभाष्यो दशमप्रपाठकः । ९०१
वेदार्थस्य प्रकाशेन तमो हार्दं निवारयन् ।
पुमर्थांश्चतुरो देयाद्विद्यातीर्थमहेश्वरः ॥ १ ॥
इति कृष्णयजुर्वेदीयतैत्तिरीयारण्यके परिशिष्टत्वेन संगृहीतं दशम-
प्रपाठकभाष्यं समाप्तम् ॥ १० ॥
समाप्तमिदं सपरिशिष्टं सभाष्यं तैत्तिरीयारण्यकम् ।