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सर्वकोश
तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

Taittiriya Aranyaka with Sayanacharya Commentary

कृष्ण यजुर्वेदीय महर्षि मण्डल (भाष्यकार: श्रीमत् सायणाचार्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished914 पृष्ठ

पृष्ठ 545, कुल 914 में से

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पृष्ठ 545

-> त्वमे॒व (anudatta under मे)

  • प्र॒त्यक्षं॒ (anudatta under प्र, anudatta under क्षं)
  • `ब्रह्मा॑सि (svarita over ह्मा)
  • ।
  • त्वामे॒व (anudatta under मे)
  • प्र॒त्यक्षं॒ (anudatta under प्र, anudatta under क्षं)
  • `ब्रह्मावा॑दिषम् (svarita over वा)
  • ।
  • ऋ॒त- (anudatta under ऋ)

L10:
म॑वादिषम् । स॒त्यम॑वादिषम् । तन्मामा॑वीत् । तद्व॒क्तार॑मावीत् ।

  • `म॑वादिषम् (svarita over म)
  • ।
  • `स॒त्यम॑वादिषम् (anudatta under स, svarita over त्य)
  • ।
  • `तन्मामा॑वीत् (svarita over मा)
  • ।
  • `तद्व॒क्तार॑मावीत् (anudatta under व, svarita over क्ता/र -> wait, over ता: तद्व॒क्तार॑मावीत्)
  • ।

L11:
`आवी॒न्माम् । आवी᳘द्व॒क्तार॑म् । ॐ शान्ति