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सर्वकोश
तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

Taittiriya Aranyaka with Sayanacharya Commentary

कृष्ण यजुर्वेदीय महर्षि मण्डल (भाष्यकार: श्रीमत् सायणाचार्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished914 पृष्ठ

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पृष्ठ 399

! Let's check line 13: वन॒स्पती॑न्त्शुचाऽर्प॑येत्: under चाthere is an anudatta lineचा॒! Yes! शुचा॒ऽर्प॑येत्`!

Line 13:
यद्वन॒स्पति॑षु । वन॒स्पती॑न्त्छुचाऽर्प॑येत् । हिर॑ण्यं निधायो-
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  • यद्वन॒स्पति॑षु:
    • यद्: no stroke.
    • व: no stroke.
    • न॒: line below न॒!
    • स्प: no stroke.
    • ति॑: stroke above ति॑!
    • षु: no stroke.
  • ।
  • वन॒स्पती॑न्त्छुचाऽर्प॑येत् or वन॒स्पती॑न्त्शुचाऽर्प॑येत्?
    • Look at the text: वन॒स्पती॑ञ्छुचाऽर्प॑येत् or वन॒स्पती॑न्त्छुचाऽर्प॑येत्?
    • Let's zoom in on वन॒स्पती...:
      व: no stroke.
      न॒: line below.
      स्प: no stroke