सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Syadvadamanjari of Mallishena Suri with Hindi Commentary

आचार्य मल्लिषेण सूरि (अनुवादक: डॉ. जगदीशचन्द्र जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished458 पृष्ठ

पृष्ठ 455, कुल 458 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 455

श्रीमद् राजचन्द्र आश्रमकी ओरसे
प्रकाशित गुजराती ग्रन्थ
( १ ) श्रीमद् राजचन्द्र ( २ ) अध्यात्म राजचन्द्र ( ३ ) श्रीसमयसार ( संक्षिप्त ) ( ४ ) समाधि
सोपान ( रत्नकरण्ड श्रावकाचारके विशिष्ट स्थलोंका अनुवाद ) ( ५ ) भावनाबोध, मोक्षमाला ( ६ ) पर-
मात्मप्रकाश ( ७ ) तत्त्वज्ञान तरंगिणी ( ८ ) धर्मामृत ( ९ ) स्वाध्याय सुधा ( १० ) सहजसुखसाधन
( ११ ) तत्त्वज्ञान ( १२ ) श्रीसद्गुरुप्रसाद ( १३ ) श्रीमद् राजचन्द्र जीवनकला ( १४ ) सुबोध संग्रह
( १५ ) नित्यनियमादि पाठ ( १६ ) पूजा संचय ( १७ ) आठदृष्टिनो सज्झाय ( १८ ) आलोचनादिपद
संग्रह ( १९ ) पत्रशतक ( २० ) चैत्यवंदन चौवीशी ( २१ ) नित्यक्रम ( २२ ) श्रीमद् राजचन्द्र-जन्म-
शताब्दीमहोत्सव-स्मरणांजलि ( २३ ) श्रीमद् लघुराज स्वामी ( प्रभुश्री ) उपदेशामृत ( २४ ) आत्मसिद्धि
( २५ ) श्रीमद् राजचन्द्र वचनामृत-सारसंग्रह आदि ।
आश्रमके गुजराती-प्रकाशनोंका पृथक सूचीपत्र मँगाइये । सभी ग्रन्थोंपर डाकखर्च अलग रहेगा ।
प्राप्तिस्थान :
( १ ) श्रीमद् राजचन्द्र आश्रम, स्टेशन-अगास
पो० बोरिया : वाया-आणंद ( गुजरात )
( २ ) परमश्रुतप्रभावक-मण्डल ( श्रीमद् राजचन्द्र जैन शास्त्रमाला )
चौकसी चेम्बर, खाराकुँवा, जोहरी बाजार, बम्बई-२