स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Syadvadamanjari of Mallishena Suri with Hindi Commentary
आचार्य मल्लिषेण सूरि (अनुवादक: डॉ. जगदीशचन्द्र जैन) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३४ श्रीमद्राजचन्द्रजैनशास्त्रमालायां
——— माणिक्यनन्दि २५५ प
माध्यमिककारिका नागार्जुन २५५ षड्दर्शनसमुच्चयटीका गुणरत्नसूरि १९१,२५८
मुण्डक उपनिषद् ९५, २६४ स
य सत्यार्थप्रकाश स्वामी दयानन्द २६०
योगसूत्र पतंजलि १४२ सन्मतितर्क सिद्धसेन ( ३२६ ) २६१
र सन्मतिटीका अभयदेवसूरि २५३
रघुवंश कालिदास २५४ सप्तभंगीतरंगिणी विमलदास २२६
ल समवायांगटीका अभयदेवसूरि २५३
लोकप्रकाश विनयविजय (३२६) ९३,१०६ सर्वार्थसिद्धि पूज्यपाद १२८,२५४
लंकावतार शाक्यमुनि १७१,१८९ सूत्रकृतांग ६५
व स्थानांगटीका अभयदेवसूरि १३७,२५३
——— वाचस्पतिमिश्र १४२ Response in Living and Non-living
विशेषावश्यकभाष्य जिनभद्रगणि ( ३२६) २५३, —J. C. Bose २६१
२५४,२६३,२६४ A History of Pre-Buddhist
श Indian Philosophy
शब्दकल्पद्रुम राधाकान्तदेव १९७ —B. M. Barua २६१