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सर्वकोश
स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Syadvadamanjari of Mallishena Suri with Hindi Commentary

आचार्य मल्लिषेण सूरि (अनुवादक: डॉ. जगदीशचन्द्र जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished458 पृष्ठ

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्तश्च ४४ (Wait, look at 'अमूर्त्तश्च': अमूर्त्तश्च with two तs)
Line 19: —मुख्यगौणसमवायः ४५
Line 20: समनन्तरज्ञान १५५
Line 21: समयसागर २५९
Line 22: सम्यग्दर्शनज्ञानसम्पन्नाः वेदान्तवादिनः ९४
Line 23: सम्यग्ज्ञान ( भावप्राण ) २४०
Line 24: सम्यक्श्रुत २०६
Line 25: समाधि ९०
Line 26: समानतंत्र ७७
Line 27: समानजातीयज्ञान १५५
Line 28: समुद्घात ( केवलि ) ७५
Line 29: समुद्र ( सप्त ) २५६
Line 30: सर्वज्ञ ( आप्त ) ३०, ३८, १७६
Line 31: —सर्वज्ञसिद्धि १७६
Line 32: सर्पि १३२
Line 33: सर्वशून्य ( परतत्त्वं ) १७१
Line 34: सविकल्प ( प्रत्यक्ष ) ११४
Line 35: सहभावी २००
Line 36: सहोपलंभानियम १६२ (सहोपलंभानियम or सहोपलम्भानियम? It has anusvara: सहोपलंभानियम)
Line 37: सामान्य १२,१४,४८,१२२,१२३,२३