सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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वेदाङ्ग ज्योतिष सोमाकर की टीका तथा म० म० सुधाकर द्विवेदी की
टीका सहित और इन्हीं के द्वारा सम्पादित ।
वृद्ध गार्गीय संहिता भा० ज्यो शा० के आधार पर ।
वृहत्तिथि चिंतामणि गणक तरंगिणी के आधार पर ।
शतपथ ब्राह्मण भा० ज्यो० शा० के आधार पर ।
शाकल्य ब्रह्मसिद्धान्त ,, ,,
सिद्धान्ततत्वविवेक म० म० सुधाकर द्विवेदी तथा म० म० मुरलीधर शर्मा
की टिप्पणियों सहित ब्रजभूषण दास कम्पनी द्वारा बनारस से १६२४ ई० में
प्रकाशित ।
सिद्धान्त दर्पण चन्द्रशेखर सिंह सामन्त का लिखा और प्रो० योगेशचन्द्र
राय द्वारा सम्पादित और १८६६ ई० में प्रकाशित ।
सिद्धान्त शिरोमणि (१) गणिताध्याय कलकत्ते के वाचस्पत्य यंत्र का
१८१५ ई० का छपा और गोलाध्याय नारायण यंत्र का १८६६ का छपा, (२) म०
म० बापूदेव शास्त्री की टिप्पणी सहित बनारस के मेडिकल हाल प्रेस का १८६६ ई०
का छपा, (३) गोलाध्याय पं० गिरिजा प्रसाद द्विवेदी द्वारा प्रभा भाषा भाष्य सहित
सम्पादित तथा नवल किशोर प्रेस में १८११ ई० का छपा ।
सिद्धान्त शेखर सुधा वर्षिणी टीका के आधार पर ।
सुन्दरी सिद्धान्त भा० ज्यो० शा० के आधार पर ।
सूर्य-सिद्धान्त (१) पं० इन्द्र नारायण द्विवेदी द्वारा अनुवादित और संपादित
तथा हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा सं० १६७५ वि० में प्रकाशित ।
(२) गूढार्थ प्रकाशित टीका के साथ पं० बलदेव प्रसाद मिश्र द्वारा हिन्दी में
अनुवादित और सम्पादित तथा बेंकटेश्वर प्रेस में १८६६ ई० में मुद्रित ।
(३) पं० माधव पुरोहित की टीका सहित पं० गिरिजा प्रसाद द्विवेदी द्वारा
सम्पादित और नवल किशोर प्रेस में १६०४ ई० में मुद्रित ।
(४) विज्ञानानन्द स्वामी द्वारा बंगला भाषा में अनुवादित और सम्पादित
तथा भारत मिहिर यन्त्रालय द्वारा १६०६ ई० में मुद्रित ।
(५) म० म० सुधाकर द्विवेदी की सुधावर्षिणी टीका सहित बंगाल की एशियाटिक
सोसाइटी द्वारा १६२५ ई० में दूसरी बार मुद्रित परन्तु लेखक को १६३४ ई० में प्राप्त ।
(६) पंच सिद्धान्तिका का डाक्टर थीवो और सुधाकर द्विवेदी द्वारा
सम्पादित ।