सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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चित्र ३६
समय शून्य होता है जब चंद्रमा च₂ या च₄ के पास रहता है क्योंकि उस समय
चंद्रमा और पृथ्वी दोनों सूर्य से समान दूर होते हैं।
मान लो यह जानना है कि जिस समय चंद्रमा च₄ और च₁ के बीच में अ
पर है और नीच पृथ्वी और सूर्य की रेखा पर है उस समय विचालक शक्ति किस
प्रकार काम कर रही है। विचालक शक्ति को अ क रेखा से प्रकट किया जा सकता
है और 'गति के समानान्तर चतुर्भुज नियम' के अनुसार इस शक्ति को विभक्त करके
अ ख और अ ग रेखाओं में प्रकट कर सकते हैं जब कि अ ख रेखा अ पर स्पर्श-रेखा
है अर्थात् चंद्रमा की गति की दिशा में है और अ ग रेखा मंदकर्ण (radius vector)
की सीध में है और बाहर की ओर पृथ्वी के विरुद्ध काम कर रही है। विचालक
शक्ति का जो भाग (resolved part) अ ग दिशा में काम कर रहा है वह चंद्रमा