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सर्वकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

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पृष्ठ 190

स्पष्टाधिकार १६७
यदि √१ + च - √१ - च
───────────── के स्थान पर प रखा जाय
√१ + च + √१ - च
तो इस समीकरण का रूप होगा
इ^{स√-१} = इ^{उ√-१} - प
────────────
१ - इ^{उ√-१} × प
१ - प / इ^{उ√-१}
= ───────────── × इ^{उ√-१}
१ - प × इ^{उ√-१}
= इ^{उ√-१} × १ - प इ^{-उ√-१}
──────────────
१ - प इ^{उ√-१}
प्रत्येक पक्ष का लघुरिक्त (logarithm) लेने से,
लरि इ^{स√-१} = लरि इ^{उ√-१} +
लरि (१ - प इ^{-उ√-१}) - लरि (१ - प इ^{उ√-१}) (घ)
परन्तु लरि (१ - प इ^{उ√-१}) = - प इ^{उ√-१} -
(प इ^{उ√-१})² (प इ^{उ√-१})³ (प इ^{उ√-१})⁴
─────────── - ─────────── - ─────────── - ......
२ ३ ४
और लरि (१ - प इ^{-उ√-१}) = - प इ^{-उ√-१} -
(प इ^{-उ√-१})² (प इ^{-उ√-१})³
──────────── - ──────────── - .........
२ ३
पहले को दूसरे में से घटाने पर,
प (इ^{उ√-१} - इ^{-उ√-१}) + प² ×
──
२
(इ^{२√-१ उ} - इ^{-२√-१ उ}) + प³
──
३