सुर्जन चरित महाकाव्यम् (कवि चन्द्रशेखर - बूँदी हाड़ा चौहान राजवंश शौर्य इतिहास सटीक)
Surjana Charita Mahakavya of Chandrashekhara with Commentary
कवि चन्द्रशेखर (सम्पादक: डॉ. चन्द्रधर शर्मा) द्वारा
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विषयः पृष्ठसंख्या श्लोक संख्या
अष्टादशः सर्गः
अकवरसचिवस्य सुर्जनसविधे आगमनं सन्धिप्रस्ताववर्णनञ्च ... ... १९७-२०० १-२१
तत्स्वीकृत्य सुर्जनेन अकवरात् नर्मदा-मथुरा-काशीनां भूभागानुपादाय तस्मै
रणस्तम्भपुरदुर्गसमर्पणम् ... ... ... ... ... ... २०० २२-२३
सुर्जनस्य नर्मंदागमनम् ... ... ... ... ... ... २०० २४
ततो मथुरागमनम् ... ... ... ... ... ... २०० २५
यमुनावर्णनम् ... ... ... ... ... ... २००-२०१ २७-२९
मथुरा वर्णनम् ... ... ... ... ... ... २०१-२०३ ३०-४०
अश्मन्ततीर्थवर्णनम् ... ... ... ... ... ... २०३ ४१
वृन्दावनवर्णनम् ... ... ... ... ... ... २०३-२०५ ४२-५५
गोवर्धनवर्णनम् ... ... ... ... ... .... २०५-२०६ ५६-५८
वर्षर्तुवर्णनम् ... ... ... ... ... ... २०६-२०९ ५९-७९
एकोनविंशतितमः सर्गः
सुर्जनस्य प्रयागागमनम् ... ... ... ... ... ... २१० १
गङ्गायमुनयोः सङ्गमवर्णनम् ... ... ... ... ... ... २१०-२११ २-६
सुर्जनस्य काशीगमनम् ... ... ... ... ... ... २११ ७-८
काशीवर्णनम् ... ... ... ... ... ... २११-२१४ १०-२४
...टवर्णनम् ... ... ... ... ... ... २१४-२१५ २५-२९
...त्र दानयशोवर्णनम् ... ... ... ... ... ... २१५-२१७ ३१-४२
...य काश्यां देहत्यागो ब्रह्मसायुज्यप्राप्तिश्च ... ... ... २१७-२१९ ४३-५०
विंशतितमः सर्गः
सभासदां शोकवर्णनम् ... ... ... ... ... ... २२० १-७
भोजस्य राज्याभिषेकवर्णनम् ... ... ... ... ... ... २२१-२२५ ८-३५
भोजस्य प्रतापवर्णनम् ... ... ... ... ... ... २२५-२३१ ३६-६३
कविपरिचयः ... ... ... ... ... ... २३१ ६४