सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
संग्रह पर लौटें

सुदामा चरित (महाकवि नरोत्तमदास - ब्रजभाषा काव्य एवं सान्वय सटीक)

Sudama Charit of Mahakavi Narottamdas with Commentary

महाकवि नरोत्तमदास द्वारा

DevanagariHindipublished108 पृष्ठ

११२ / सुदामा-चरित
मानौ सत्य प्रमान झूठ जग है न कृष्न को।
अनुभवफल सो लहै सुदामा चरित कृष्न को ॥६०॥
दोहा
विप्र सुदामा की कथा, कहैं सुनैं चितलाय ।
ताको श्री जदुबीरपति, निसदिन रहैं सहाय ॥६१॥

इस पृष्ठ पर कोई पाठ्य सामग्री (टेक्स्ट) मुद्रित नहीं है; यह पृष्ठ रिक्त (कोरा) है।