सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary

श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा

DevanagariHindipublished2,549 पृष्ठ

पृष्ठ 2531, कुल 2549 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 2531

514 श्रीचैतन्यचरितामृत अन्त्यलीला जालि-तीर्थे ]
जालियार चेष्टा देखि' सबार 18/45
जिह्वाय उच्चारिमु तोमार 11/34
जिह्वार लालसे येइ इति-उति 6/227
जीव क्षुद्रबुद्धि कोन् ताहा 20/71
जीव छार कँहा तार पाइबेक 18/21
जीवज्ञान-कल्पित, ईश्वरे 2/99
जीव दीन कि करिबे, ताहार 17/65
जीव-'प्रकृति' 'पति' करि' 7/99
'जीव' हञा केबा सम्यक् पारे 20/80
जीवे सम्मान दिबे जानि 20/25
ट
टानाटानि प्रभुर मन हैल 15/9
ठ
ठाकुर उपवासी रहे, जिये 2/65
त
तथाइ आमार सङ्ग हइबे 12/81
तथापि तोमार ताते प्राकृत 4/173
तथापि नूतनप्राय सब द्रव्ये 10/126
तथापि नामेर तेज ना हय 3/55
तथापि विषयेर स्वभाव-हय 6/199
तथापि भक्त-स्वभाव-मर्यादा 4/130
तथापि से निर्लज्ज, वृथा 16/136
तव कृपा काड़िल आमा 6/194
“तव योग्य नहे” बलि' बले 6/323
तबहिँ विकार पाय मोर 5/36
तबे आमार नाक काटिमु 3/197
तबे गोविन्द तार बहिर्वास 10/89
तबे जानिबा सिद्धान्तसमुद्र 5/132
तबे पाण्डित्य तोमार हइबे 5/133
तमो-रजो-धर्मे कृष्णेर ना 4/57
तरजा-प्रहेली आचार्य कहेन 19/18
तरजार ना जानि अर्थ 19/27
तरजा शुनि' महाप्रभु ईषत् 19/23
तरुणी-स्पर्शे रामानन्देर तैछे 5/19
तर्क ना करिह, तर्कगोचर 3/226
तर्क ना करिह, शुन, विश्वास 19/106
तर्केर गोचर नहे नामेर 3/204
तर्केर गोचर नहे चरित्र 19/103
ताँर आज्ञा बिना आमि ना 7/147
ताँर आज्ञा भाङ्गे ताँर 10/6
ताँर आज्ञाय आइला, आज्ञा 4/235
ताँर चरण धुञा करौँ 20/151
ताँर पिता कहे तारे 6/38
ताँर प्रसादे जानिलुँ 'कृष्ण 7/22
ताँर फल कि कहिमु 5/50
“ताँर येइ आज्ञा”—बलि' 19/23
ताँर लागि' आमि मरि 19/51
ताँर शेष पाइले, तोमार 6/123
ताँर सङ्गे आमार मन 7/17
ताँरे कैलि क्षुद्र जीव 5/119
ताँरे कैलि जड़-नश्वर 5/118
ताँरे तुमि उठाइला आपनार 18/65
ताँरे बालु दिया उपरे पिण्डा 11/69
ताँरे भय नाहि किछु, 'विषम' 7/94
ताँ-सबार आगे भट्ट-खद्योत 7/60
ताँ-सबार आचार-चेष्टा 13/37
ताहाते तर्क उठाञा दोष 8/49
ताँहा बिकाइ, याँहा बेचिते 12/74
ताहा बिना रत्न-शून्या 11/97
ताँहा याब, सेइ मोर 4/144
ताँहार मनेर भाव तैं ह 5/43
ता'ते अनुरागी वाञ्छे आपन 4/62
ताते जानि अप्राकृत-देह 5/42
ताते जानि,-कोन तपस्यार 16/138
ताते जानि-पूर्वे तोमार 1/117
ताते प्रेमभक्ति-'पुरुषार्थ 7/24
ताते बार बार कहि,-शुन 16/62
ताते 'वैष्णवेर झूटा' खाओ 16/58
तावत् इँहा बसि' शुन नाम 3/120
तार एक कणा स्पर्शि आपना 20/71
तार एक 'लव' ये पाय 16/98
तार दुःख देखि' तार 9/74
तार मध्ये पूर्वविधि 'प्रशंसा' 8/77
ता'र मध्ये मिथ्या केने 1/179
ता'र मध्ये सर्वश्रेष्ठ नाम 4/71
तार लक्षण-श्लोक शुन 20/20
तारे मिलिबारे प्रभु आवेशे 13/81
ताहा छाड़िते चाह तुमि 4/83
ताहा जानिबारे आर द्वितीय 5/43
ताहाते दीक्षित आमि हइ 3/238
ताहाते सुगन्धि तैल,-परम 12/108
ताहा बिना नहे तोमार 1/117
ताहा येइ पाय, तार सफल 16/135
ताहार गणना कारों, मने 9/109
ताहा हरि' भोग करे महापापी 9/89
तिन अमृते हरे काण, हरे 17/38
तिनगुण-क्षोभ नहे, 'महाधीर' 5/46
तिन चापड़ मारि' कह 18/62
तिन-दशाय महाप्रभु रहेन 18/77
तिनद्वार देओया आछे, प्रभु 14/60
तिन दिन रहि' सेइ विप्रेर 3/207
तिन पुत्र मरुक शिवार 12/20
तिन भोग खाइला, किछु 2/62
तिन 'रघुनाथ'-नाम हय 6/203
तिन-लक्ष नाम ठाकुर करेन 3/175
तिन हैते कृष्णनाम-प्रेमेर 16/63
तीरे रहि' देखि आमि 18/82
तीर्थेर महिमा, निज-भक्ते 2/169