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सर्वकोश
श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary

श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा

DevanagariHindipublished2,549 पृष्ठ

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पृष्ठ 2527

510 श्रीचैतन्यचरितामृत अन्त्यलीला आज्ञा-उपास ]

आज्ञा लद्धि' आइला, कि 12/69
'आदिवस्या' एइ स्त्रीरे ना 14/26
आनुषङ्गिक फल नामेर 3/179
आपन कारुण्य, लोके वैराग्य 2/168
आपना बिना अन्य माधुर्य 16/111
आपनार आगे मोर शरीर 11/32
आपनार कथा परमुण्डे देन 5/77
आपनार गुण नाहि आपने 5/78
आपनारे करे संसारी जीव 20/31
आपनि प्रद्युम्नमिश्र-सह हय 5/85
आपनि श्रीमुखे मोरे करुन 6/232
आपनि श्रीहस्ते बालु दिला 11/68
आपने आचरे केह, ना करे 4/102
आपने नाचये-तिने नाचे 18/18
आपने ना जाने, पुतली 4/85
आपने प्रश्न करि' पाछे 5/64
'आवेश' करये काँहा हजा 2/4
आभासे कहेन प्रभु, शुनेन 18/79
आमाकेह बुझाइते तुमि 4/168
आमार उपदेष्टा तुमि 4/160
आमार एइ देह प्रभुर कार्ये 4/98
आमार दुर्देव, - नामे नाहि 20/19
आमार शक्ति ताँरे नारिल 11/95
आमार शरीर - काष्ठपुतली 20/92
आमार 'सर्वनाश'-तोमार 12/113
आमार 'हित' करेन, -इहो 7/120
आमारे आदर कर, ना 3/217
आमारे खाट-तुलि-बालिश 13/15
आमारे भासाओ तैछे एइ 3/256
आमा-सब अधमे ये 4/182
आमा-सबाय नाहि देह' 6/320
आमा-हेन यदि एक कीट 11/41
आमि अज्ञ जीव, - अज्ञोचित 7/122
आमि-अज्ञ, 'हित'-स्थाने 7/124
आमि-अति क्षुद्र जीव 20/90
आमि-कृष्णपद-दासी 20/48
'आमि जिति', - एइ गर्व 7/118
आमि त'-संन्यासी, आमार 4/179
आमि त' संन्यासी, आपनारे 5/35
आमि त' संन्यासी, -तैल 12/116
आमि-नीचजाति, आमार 16/29
आमि-परतन्त्र, आमार प्रभु 7/147
'आमि लिखि', -इह मिथ्या 20/92
आमि सब, - केवलमात्र 12/134
आमि सब ना जानि 2/136
आमिह देखिते ताहा याइमु 1/219
आर ग्रास लैते स्वरूप 6/323
आर दिन महाप्रभु ताँर 11/21
आर सब कड़चा-कर्त्ता 14/8
आरे मूर्ख, आपनार कैलि 5/117
आश्चर्य, - तरुणी-स्पर्शे निर्विकार 5/41
आस्वाद दूरे रहु, गन्धे माते 16/111
आस्वादिते प्रेमे मत्त हइल 16/115
आस्ते-व्यस्ते गोविन्द ताँर 13/82

इ

इच्छामात्रे कैला निजप्राण 11/96
इतर-लोकेर ताते ना 14/82
इन्द्र येन कृष्णेर निन्दा 7/124
इन्द्रसम ऐश्वर्य, स्त्री अप्सरा 6/39
इन्द्रिय चराजा बुले 'प्रकृति' 2/120
इन्द्रिय-दमन हैल, प्रेमेर 3/140
इहलोक, परलोक-दुइ हय 4/131
इहाते संशय यार, सेइ 6/125
इहा वड़ महाभाग्य आमि 5/58
इहा येइ नाहि शुने, से 17/48
ईँहार ये ज्येष्ठभ्राता, नाम 1/200
ईँहार सङ्गोचे आमि एतदिन 6/280
ईँहारे पुछह, ईँह करिबेन 7/101
ईँहा हैते आजि मुइ 14/106
इहार श्लोक-गीते प्रभुर 15/27

ई

ईश्वर-चरित्र किछु बुझन 12/85
ईश्वर-चरित्र प्रभुर-बुद्धि 8/93
ईश्वर जगन्नाथ, याँर हाते 9/44
ईश्वरपुरी करे श्रीपाद-सेवन 8/26
ईश्वर-स्वभाव'-भक्तेर ना 1/107
ईश्वर-स्वभाव, - ऐश्वर्य चाहे 3/90
ईश्वर-स्वभाव,- करेन 7/118
ईश्वरेर नाहि कभु देह 5/122

उ

उच्च करि' कहे कृष्णनाम 14/59
उच्च सङ्कीर्त्तन ता'ते करिला 3/75
उठह पण्डित करि' कहेन 12/121
उठि' ताँरे लाथि माइला 12/24
उठि' शिवानन्दे कैला प्रेम 12/31
उठितेइ अस्थि सब लागिल 18/76
उत्तम हञा आपनाके माने 20/22
उदय कैले कृष्णपदे हय 3/184
उदय ना हैते आरम्भे 3/182
उदय हैले धर्म-कर्म 3/183
उद्धव-दर्शने यैछे राधार 14/13
उपदेश पाञा माया चलिला 3/258
उपमा दिवार नाहि ए-तिन 6/104
उपरोधे प्रभु मोर मानेन 6/276
उपासना लागि' देवेर करेन 19/26