श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
पृष्ठ 1437, कुल 2549 में से
संदर्भ में पढ़ेंविषय-सूची
उद्धृत ग्रन्थ ................................................................... i-iii
अध्याय विवरण .............................................................. iv-v
15 सार्वभौमके घरमें भोजन-विलास .................................... 1-47
16 पुनःगौड़गमन-विलास .............................................. 49-90
17 श्रीवृन्दावन-गमन .................................................... 93-127
18 श्रीवृन्दावन-दर्शन-विलास ........................................... 129-169
19 प्रयागमें श्रीरूपपर अनुग्रह ........................................... 171-219
20 स्वरूपतत्तत्वरूप-श्रीभगवत्स्वरूप-भेदविचार .................... 221-289
21 सम्बन्धतत्त्व-विचारसे श्रीकृष्ण-ऐश्वर्य-माधुर्य-वर्णन ... 291-324
22 अभिधेयभक्तितत्त्व-विचार ............................................ 327-375
23 प्रेमप्रयोजन-विचार ................................................. 377-407
24 'आत्मारामश्च'-श्लोक-व्याख्यासे श्रीसनातनपर अनुग्रह 409-474
25 काशीवासियोंका वैष्णवकरण और पुनः नीलाचल-गमन 477-519
श्लोक सूची ................................................................. 521-528
पद्य सूची ................................................................. 529-545
शब्दकोष ................................................................. 547-554