सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंसिद्धन्त दर्पण
विषय श्लोक स० पृष्ठ स०
पूर्व सिद्धान्तों के अनुसार भगण संख्या,
उनका आरम्भ ३२
युग भगण को सूक्ष्म करने के लिए
कल्प भगण ३९
भास्कर मत से योग्यता ४०
उसका उपयोग ५०
ग्रन्थकार द्वारा भगण में संशोधन की विधि ५१
भविष्य में भूल शुद्धि की विधि ५४
अयनांश की परीक्षा ७०
वृहस्पति भगण से प्रभव आदि संवत्सर ७१
उसके अनुसार पदकों की तालिका ७६
पदक निकालने की विधि ७७
स्फुटीकरण से पृथ्वी पर दृक् सिद्धि ८३
अन्य लोकों में फल का तर्क ८५
भास्कर मत से फल निकालना ८६
स्फुटीकरण के लिये परिलेख ८७
प्रतिमण्डल भ्रमण का दृष्टान्त ११०
सूर्य चन्द्र का मन्द कर्ण १११
चन्द्र के तुंगान्तर फल का आधार ११५
शीघ्रफल के लिये छेदन ११६
कक्षागति का अंगुल मान
(यन्त्र और परिलेख) १२०
पूर्व सिद्धान्त की गति परीक्षा १३०
स्फूट गति के चार संस्कारों का प्रमाण १४१
परोच्च कल्पना का कारण १४४
भास्कर मत से प्रतिमण्डल बिम्ब का मान १४७
क्रान्ति कम होने का कारण १५२
ग्रहण में लम्बन संस्कार १५३
दृङ्मण्डल में लम्बन और अवनति
आदि का रूप १५४
ग्रास काल का मान आदि १७२
ग्रहण की दिशा का कारण १८१
दो वलनों का कारण १८४
ध्रुव तथा कदम्ब से नापने पर
विक्षेप में अन्तर १९१