सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
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विषय श्लोक स० पृष्ठ स०
सूर्य केन्द्रित आकर्षण द्वारा ग्रह गति का खण्ड ४८
पृथ्वी के दैनिक अक्ष भ्रमण का खण्डन ५५
दैनिक गति और क्रान्ति वृत्त का विरोध ५७
पृथ्वी की दीर्घवृत्त गति का निराकरण,
चन्द्र कलंक दर्शन ६६
ईश्वर की इच्छा ही प्रमाण ६८
सूर्य और अन्य ग्रहों के अक्ष भ्रमण पर
चन्द्र का नहीं ७३
अक्ष भ्रमण और ग्रहों के आकार में विषमता ७५
भास्कर मत-प्राकृतिक गुण के कारण गति ७७
ग्रह भ्रमण का आरम्भ काल ७९
मध्य सूर्य के बदले स्पष्ट सूर्य को
केन्द्र मानने में भूल ८१
मध्य रवि को केन्द्र मानने से शंका समाधान ८८
मन्द, पात और शीघ्र- देवता या पिण्ड ९४
बडे ग्रहों का अधिक शर तथा पृथ्वी शर हीन ९७
पृथ्वी और अन्य ग्रहों में भेद-सूर्य
से ग्रहों में वाष्प १०२
सौर मण्डल का भार केन्द्र १०५
पृथ्वी भ्रमण के कारण नीचे गिरते पत्थर
की दिशा में अन्तर ११२.
ग्रहों के भ्रमण काल और सूर्य से
दूरी में सम्बन्ध ११६
इस सूत्र के अनुसार सूर्य का अक्ष
भ्रमणवाल नहीं १२१
मन्द और शीघ्र फल दीखने के कारण ग्रहों
द्वारा पृथ्वी और सूर्य दोनों की परिक्रमा १२९
तारागण सूर्य समान और अति दूर
होने में शंका १३४
भचक्र स्थिरता का खण्डन १३९
सूर्य समान असंख्य तारा होने पर रात्रि कैसे १४२
ध्रुवीय व्यास कम होने अक्ष भ्रमण
के कारण नहीं १४६