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श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण

श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण

Shrimad Valmiki Ramayana

महर्षि वाल्मीकि द्वारा

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पृष्ठ 2594

मार्गमें डेढ़ महीने बिताकर हृष्ट-पुष्ट मनुष्योंसे भरी हुई वह सेना कुशलपूर्वक केकयदेशमें जा पहुँची॥

इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें सौवाँ सर्ग पूरा हुआ॥

१०० ॥