सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
श्री गुरु गीता (स्कन्द पुराण - उमा-महेश्वर संवाद सान्वय सटीक)

श्री गुरु गीता (स्कन्द पुराण - उमा-महेश्वर संवाद सान्वय सटीक)

Shri Guru Gita from Skanda Purana with Hindi Commentary

भगवान् शिव / महर्षि वेदव्यास / डॉ. मोतीलाल खद्दर शास्त्री द्वारा

DevanagariSanskritpublished82 पृष्ठ

पृष्ठ 28, कुल 82 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 28

॥ श्रीगुरुगीता प्रारंभः॥
॥श्रीगणेशायनमः॥ ॥श्रीगुरुभ्योनमः॥
ॐ अस्य श्रीगुरुगीतास्तोत्रमन्त्रस्य भगवान् सदाशिव ऋषिः।
नानाविधानि छंदांसि। श्रीगुरुपरमात्मा देवता। हं बीजं। सः शक्तिः।
क्रों कीलकं। श्रीगुरु कृपा प्रसादसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः।
अथ करन्यासः -
ॐ हं सां सूर्यात्मने अंगुष्ठाभ्यां नमः।
ॐ हं सीं सोमात्मने तर्जनीभ्यां नमः।
ॐ हं सूं निरंजनात्मने मध्यमाभ्यां नमः।
ॐ हं सैं निराभासात्मने अनामिकाभ्यां नमः।
ॐ हं सौं अतनुसूक्ष्मात्मने कनिष्ठिकाभ्यां नमः।
ॐ हं सः अव्यक्तात्मने करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः।
अथ हृदयादिन्यासाः-
ॐ हं सां सूर्यात्मने हृदयाय नमः।
ॐ हं सीं सोमात्मने शिरसे स्वाहा।
ॐ हं सूं निरंजनात्मने शिखायै वषट्।
ॐ हं सैं निराभासांतमने कवचाय हुँ।
ॐ हं सौं अतनुसूक्षात्मने नेत्रत्रयाय वौषट्।
ॐ हं सः अव्यक्तात्मने अस्त्राय फट्।
ॐ ब्रह्म भूर्भुवः स्वरोमिति दिग्बन्धः।
( 15 )