शिव सूत्र (क्षेमराज विमर्शिनी व हिन्दी व्याख्या सहित)

शिव सूत्र (क्षेमराज विमर्शिनी व हिन्दी व्याख्या सहित)
Shiva Sutras with Kshemaraja Vimarshini & Hindi Translation
महर्षि वसुगुप्त / आचार्य क्षेमराज द्वारा
स्रोत: काश्मीर शैव दर्शन ट्रस्ट · काश्मीर शैव दर्शन ट्रस्ट · 1950 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished108 पृष्ठ
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पृष्ठ पंक्ति शब्द शुद्ध अशुद्ध
४६ ४ ७वां भली भला
५१ ४ ७वां समर्थ) (समर्थ)
५७ २६ ६ठा गुणता का गुणता
६० २६ ६ठा को का
६० २८ १ला लेहनामन्थनाकोटैः लेहनामन्थनाकोटौ
६० २९ १ला शक्त्याभावेऽपि शक्ताभावेऽपि
६२ १३ ९वां मल— मल-
६२ १५ १ला हटने हटाने
६२ २१ २रा × आप
६२ २१ ५वां आप चित्स्वरूप चित्स्वरूप
६३ (नोट १.)४ ९वां hideous hidepus
६३ ( ,, )६ ८वां throttle toeerate
६३ ( ,, )७ Missing All those shalt. —
thou toierate
६५ ३० ९वां × जैसे
६७ १ ७वां सद्गुरु सद्गुण
६८ (नोट १)४ ३रा स्वपितराः स्वपितरः
७१ नोट १ के साथ यह प्रमाण श्लोक जोड़ लेना चाहिए—
अयं रसो येन मनागवाप्तः स्वच्छन्दचेष्टानिरतस्य तस्य ।
समाधियोगव्रतमन्त्रमुद्रा जपादिचर्या विषवद्विभाति ॥
अर्थ—वह परम-शिव भाव में रस-रत्ता मगन-मत्ता रहता है । इस निरपेक्ष
भाव में अब चिन्तन के लिए बैठना, नौरात्रादिव्रत, नियन्त्रणार्थ मुद्राएँ तथा
प्रार्थनादि उसे विष जैसे लगते हैं।
७२ ३० १०वां चैतन्यमात्मा चैत्यमात्मा
७३ ११ सूत्र ८ स्वतोऽनुभवात् स्वतोऽनुवात्
७३ १७ सूत्र १४ चित्तस्थितिवच्छरीर चित्तस्थितिवच्छरो
७४ ६ सूत्र ३१ सत्त्व-सिद्धिः सहैव-सिद्धिः
७४ २३ सूत्र ४८ मात्रस्वप्रत्ययसंधाने मात्रास्वरूपप्रत्यसंधाने
७६ ४१ १ला प्रविशेत्तत्स्वचेतसा प्रविशोत्तत्स्वचेतसा