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सर्वकोश
शिव सूत्र (क्षेमराज विमर्शिनी व हिन्दी व्याख्या सहित)

शिव सूत्र (क्षेमराज विमर्शिनी व हिन्दी व्याख्या सहित)

Shiva Sutras with Kshemaraja Vimarshini & Hindi Translation

महर्षि वसुगुप्त / आचार्य क्षेमराज द्वारा

स्रोत: काश्मीर शैव दर्शन ट्रस्ट · काश्मीर शैव दर्शन ट्रस्ट · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished108 पृष्ठ

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    ४. एकादश स्कन्ध श्रीमद्भागवत
    देहं च नश्वरमवस्थित० (अ० १३, श्लो० ३६) ६९
    ५. कालिकाक्रम
    अतथ्यां कल्पनां कृत्वा० ६५
    तस्मान्नित्यमसंदिग्धं ०
    तस्य देवादिदेवस्य० ७०
    नाशेऽविद्याप्रपंचस्य० ५३
    मायामयैः सदा भावैः० ६५
    यथास्वप्नानुभूतार्था० ६६
    सर्वशुद्धं निरालम्बम् ५३
    सुखदुःखादिविज्ञान० ५६
    ६. कुलरत्नमाला
    यदा गुरुवरः सम्यक्० ६७
    ७. कठोपनिषद्
    कश्चिद्धीरः प्रत्यगात्मानमैक्षत्० (२-१-११) ३५
    ८. कैवल्योपनिषद्
    त्रिषु धामसु यद्भोग्यं० (खं० १ मन्त्र १८) ७
    ९. ज्ञानगर्भस्तोत्र
    विहाय सकला क्रिया० ४२
    १०. तत्त्वार्थचिन्तामणि
    प्राक् संवित्प्रमाणे परिणता० ६८
    ११. तन्त्रालोक (अभिनवगुप्तपाद)
    यत्र कोऽपि व्यवच्छेदो नास्ति० (आह्नि० ५ श्लो०५०-५१) १९
    १२. त्रिकसार
    देहोत्थिताभिर्मुद्राभिः० ४८
    १३. त्रिकहृदय
    स्वपदास्वशिरश्छाया० २
    १४. नेत्र तन्त्र (मृत्युजिद्भट्टारक कथित)
    प्राणादिस्थूलभावं तु० (अ० ८, श्लो० १२) ४१
    प्रविशेतत्स्वचेतसा० (अ० ८, श्लो० २४) ४२