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सर्वकोश
शिल्परत्नम् (श्रीकुमार - प्राचीन भारतीय चित्रकला, धातुकर्म, यन्त्र एवं स्थापत्य सटीक)

शिल्परत्नम् (श्रीकुमार - प्राचीन भारतीय चित्रकला, धातुकर्म, यन्त्र एवं स्थापत्य सटीक)

Shilparatnam of Shrikumara with Commentary

श्रीकुमार (सम्पादक: टी. गणपति शास्त्री) द्वारा

DevanagariSanskritpublished280 पृष्ठ

पृष्ठ 84, कुल 280 में से

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पृष्ठ 84

4: पा
5: र्श्व
6: यु
7: जि
8: प
9: ञ्च
10: म
11: पङ्
12: क्ति
13: सं
14: स्थे
Total = 14 syllables!

Line 17:
1: को
2: ष्ठ
3: द्व
4: या
5: त
6: मि
7: ति
8: म
9: ती
10: प
11: द
12: वि
13: स्तृ
14: ते
15: च
Wait! 15 syllables?
Wait, look at line 17:
"कोष्ठद्वयातमितिमती पदविस्तृते च ।"
Wait, could it be "कोष्ठद्वयाततिमती"?
Let's look at the scan of line 17 very carefully:
क (with o) = को
ष्ठ = ष्ठ
द्व = द्व
या = या
त = त
मि = wait, is that 'मि' or 'म'? There is an 'ि' matra.
Wait, look at the glyphs:
"कोष्ठद्वया" (4)
Then "त" (ta)
Then "ति" (ti)
Then "म" (ma)
Then "ती" (tī)?
Wait, look at the character:
Is it: "कोष्ठद्वयाततिमती"?
Wait, between या and ति