शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
शार्ङ्गधराचार्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)
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दोष-भेद से वस्ति-विधान २३८
दोष-भेद से भोजन-व्यवस्था २३८
एकाधिक वस्तियों का विधान २३८
दोषभेद से भोजन-व्यवस्था २३९
सुकुमारादि के लिए वस्ति २३९
वस्तियों का क्रम २३९
उत्क्लेशन-वस्ति २३९
दोषहर-वस्ति २३९
शोधन-वस्ति २३९
शमन-वस्ति २३९
लेखन-वस्ति २३९
बृंहण-वस्ति २३९
पिच्छिल-वस्ति २३९
प्रमाणानुसार द्रव्यमिश्रण-विधि २४०
दोष-भेद से स्नेह, मधु का प्रमाण २४०
माधुतैलिक-वस्ति २४०
दीपन-वस्ति २४०
युक्तरथ वस्ति २४०
सिद्ध-वस्ति २४०
मुस्तादि-वस्ति २४१
वस्ति-कल्पना २४१
त्रिदोषहर-वस्तियाँ २४१
रक्तविकार-वस्ति २४१
निरूहण-वस्ति में पथ्यापथ्य २४१
सप्तमोऽध्यायः
उत्तरवस्ति-विधान २४२
वस्ति-मात्रा-निर्धारण २४२
पुरुषों में वस्ति-प्रयोग-विधि २४२
स्त्रियों में वस्ति-प्रयोग-विधि २४२
बालकों में वस्ति-प्रयोग-विधि २४३
विशेष मात्रा-निर्देश २४३
स्त्रियों में वस्ति-प्रयोग विधि २४३
फलवर्त्ति-प्रयोग-विधि २४३
फलवर्त्ति-निर्माण-विधि २४३
लक्षण-समन्वय २४४
फलवर्त्ति का नामभेद २४४
अष्टमोऽध्यायः
नस्य की निरुक्ति २४५
नस्य के भेद २४५
नस्य-प्रयोग का काल २४५
नस्य के अयोग्य काल और रोगी २४५
नस्य के योग्य-अयोग्य वय २४५
विरेचन-नस्य २४५
विरेचन-नस्य की मात्रा २४६
नस्य के लिए द्रव्यों का परिमाण २४६
विरेचन-नस्य के दो भेद २४६
अवपीड, प्रधमन का स्वरूप २४६
विरेचन-नस्य के योग्य रोग २४६
स्नेहन-नस्य २४६
अवपीड-नस्य के योग्य रोगी २४६
प्रधमन के योग्य रोग २४६
गुडादि-नस्य २४६
मधूकसारादि नस्य २४७
सैन्धवादि नस्य २४७
प्रधमन-नस्य २४७
बृंहण-नस्य-कल्पना २४७
मर्श-शिरोविरेचन २४७
बृंहण-नस्य के योग्य रोग २४७
कुंकुम-नस्य २४८
बृंहण-नस्य के द्रव्य २४८
दोष-भेद से स्नेह-व्यवस्था २४८
माषादि-नस्य २४८
प्रतिमर्श-नस्य-विधि २४८
प्रतिमर्श की मात्रा २४९
प्रतिमर्श के काल २४९
प्रतिमर्श की विधि २४९
प्रतिमर्श के योग्य रोगी २४९
पलित में नस्य २४९
नस्य-ग्रहण-विधि २४९
नस्य-धारण-काल २५०
नस्य के तीन योग २५०
नस्य-शुद्धि के लक्षण २५०