शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
शार्ङ्गधराचार्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें(xxiv)
इच्छाभेदी रस १९८ | अजीर्णकण्टक रस २०४
वसन्तकुसुमाकर रस १९८ | मन्थानभैरव रस २०५
राजमृगाङ्क रस १९९ | वातनाशन रस २०५
स्वयमग्नि रस १९९ | कनकसुन्दर रस २०५
अमृतार्णव रस २०० | सन्निपातभैरव रस २०५
सूर्यावर्त रस २०० | ग्रहणीकपाट रस २०६
स्वच्छन्दभैरव रस २०० | ग्रहणीवज्रकपाट रस २०६
हंसपोट्टली रस २०१ | मदनकामदेव रस २०७
त्रिविक्रम रस २०१ | कन्दर्पसुन्दर रस २०८
महातालेश्वर रस २०१ | लोह रसायन २०८
कुष्ठकुठार रस २०१ | जैपाल-शुद्धि की विधि २०९
उदयादित्य रस २०२ | विष-शुद्धि की विधि २०९
सर्वेश्वर रस २०२ | अहिफेन-शोधन २१०
स्वर्णक्षीरी रस २०३ | भंगा-शोधन २१०
मेहबद्ध रस २०३ | विषमुष्टि शोधन २१०
महावह्नि रस २०३ | लांगली-शोधन २१०
विद्याधर रस २०४ | गुञ्जा-शोधन २१०
त्रिनेत्र रस २०४ | करवीर-शोधन २१०
गजकेसरी रस २०४ | अर्क-सेहुण्ड दुग्ध-शोधन २१०
अग्नितुण्डवटी रस २०४ |
उत्तरखण्ड
प्रथमोऽध्यायः
स्नेह के भेद, उनके पान का समय २११ | तैलपान के योग्य व्यक्ति २१२
स्नेह की दो योनियाँ २११ | वसापान के योग्य व्यक्ति २१३
मिलित स्नेहों के नाम २११ | मज्जापान के योग्य व्यक्ति २१३
स्नेह-सेवन की कालावधि २११ | स्नेहपान का काल २१३
स्नेह की मात्राएँ २१२ | घृत तैल की उपयोग-विधि २१३
विधिहीन स्नेहपान के दोष २१२ | स्नेहों के अनुपान २१३
दोषशान्ति के उपाय २१२ | स्नेह-सेवन २१३
स्नेह-मात्रा-विचार २१२ | यवागू से स्नेह-सेवन २१३
अन्य प्रकार से मात्रा का निश्चय २१२ | धारोष्ण दुग्ध से स्नेह-पान २१३
मात्राओं के गुण २१२ | स्नेहाजीर्ण की चिकित्सा २१३
दोष-भेद से स्नेह का विधान २१२ | स्नेहाजीर्ण का उपचार २१४
घृतपान के योग्य व्यक्ति २१२ | स्नेहपान-जनित तृष्णा-चिकित्सा २१४
| स्नेहपान से हानि २१४