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सर्वकोश
सौन्दर्यलहरी (जगद्गुरु आदि शंकराचार्य - आनन्दलहरी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या सटीक)

सौन्दर्यलहरी (जगद्गुरु आदि शंकराचार्य - आनन्दलहरी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या सटीक)

Saundaryalahari of Adi Shankaracharya with Hindi Commentary

जगद्गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा

DevanagariHindipublished415 पृष्ठ

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७४ १४ निम्नोद्धत निम्नोद्धृत
७५ २ वराभित्यभिनया वराभीत्यभिनया
८३ ६ शक्त शक्ति
,, १३ नाया माया
८९ ६, ७ तमोगु रजोगु तमोगुण रजोगुण
,, अन्तिम रजित रंजित
१०० ७, ८ रुद्रग्रंथि के स्थान पर ब्रह्मग्रंथि और ब्रह्मग्रंथि
के स्थान पर रुद्रग्रंथि पढ़ें
१०६ ६ जसे जैसे
११९ ७ शा. नि. शा. ति.
१३२ १५ हरमहिशि हरमहिषि
१३३ ५ हराधींगिनी हरार्धांगिनी
१३४ १३ सूर्या: सूर्य: