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सर्वकोश
सत्यार्थ प्रकाश (महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती विरचित)

सत्यार्थ प्रकाश (महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती विरचित)

Satyarth Prakash - Swami Dayananda Saraswati

महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा

DevanagariHindipublished480 पृष्ठ

पृष्ठ 323, कुल 480 में से

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पृष्ठ 323
एकादशसमुल्लासः३२३
आर्यराजावर्षमासदिन
१३ जीवनलोक२८९१७
१४ हरिराव२६१०२९
१५ वीरसेन (दूसरा)३५२२०
१६ आदित्यकेतु२३१११३

राजा आदित्यकेतु मगधदेश के राजा को 'धन्धर्' नामक राजा प्रयाग के ने मार कर राज्य किया। वंशपीढ़ी ९, वर्ष ३७४, मास ११, दिन २६ इनका विस्तार—

आर्यराजावर्षमासदिन
१ राजा धन्धर्४२७२४
२ महर्षि४१२२९
३ सनरच्ची५०१०१९
४ महायुद्ध३०३८
५ दुरनाथ२८५२५
६ जीवनराज४५२५
७ रुद्रसेन४७४२८
८ आरीलक५२१०८
९ राजपाल३६००

राजा राजपाल को सामन्त महान्पाल ने मार कर राज्य किया। पीढ़ी १, वर्ष १४, मास ०, दिन ० इनका विस्तार नहीं है।

राजा महान्पाल के राज्य पर राजा विक्रमादित्य ने ‘अवन्तिका’ (उज्जैन) से चढ़ाई करके राजा महान्पाल को मार के राज्य किया। पीढ़ी १, वर्ष ९३, मास ०, दिन ० इन का विस्तार नहीं है।

राजा विक्रमादित्य को शालिवाहन का उमराव समुद्रपाल योगी पैठण के ने मार कर राज्य किया। पीढ़ी १६, वर्ष ३७२, मास ४, दिन २७ इन का विस्तार—

आर्यराजावर्षमासदिन
१ समुद्रपाल५४२२०
२ चन्द्रपाल३६५४
३ सहायपाल११४११
४ देवपाल२७१२८
५ नरसिंहपाल१८०२०
६ सामपाल२७११७
७ रघुपाल२२३२५
८ गोविन्दपाल२७११७
९ अमृतपाल३६१०१३
१० बलीपाल१२५२७
११ महीपाल१३८४
१२ हरीपाल१४८४
१३ सीसपाल¹१११०१३
१४ मदनपाल१७१०१९
१५ कर्मपाल१६२२
१६ विक्रमपाल२४१११३

राजा विक्रमपाल ने पश्चिम दिशा का राजा (मलुखचन्द बोहरा था) इन पर चढ़ाई करके मैदान में लड़ाई की इस लड़ाई में मलुखचन्द ने विक्रमपाल को मार कर इन्द्रप्रस्थ का राज्य किया। पीढ़ी १०, वर्ष १९१, मास १, दिन १६ इनका विस्तार—

आर्यराजावर्षमासदिन
१ मलुखचन्द५४२२०
२ विक्रमचन्द१२७१२
३ अमीनचन्द²१००५
४ रामचन्द१३११८
५ हरीचन्द१४९२४
६ कल्याणचन्द१०५४
७ भीमचन्द१६२९
८ लोवचन्द२६३२२
९ गोविन्दचन्द३१७१२
१० रानी पद्मावती³१००

रानी पद्मावती मर गई। इसके पुत्र भी कोई नहीं था। इसलिये सब मुत्सद्दियों ने सलाह करके हरिप्रेम वैरागी को गद्दी पर बैठा के मुत्सद्दी राज्य करने लगे। पीढ़ी


१. किसी इतिहास में भीमपाल भी लिखा है।
२. इनका नाम कहीं मानकचन्द भी लिखा है।
३. यह पद्मावती गोविन्दचन्द की रानी थी।