सात्वत संहिता (पाञ्चरात्र आगम - भगवान् सङ्कर्षण-नारद संवाद सान्वय सटीक)
Satvata Samhita of Pancharatra Agama with Commentary
भगवान् सङ्कर्षण / महर्षि नारद द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंप्रतिष्ठा मण्डप
पूर्व दिशा (ऊपर):
पीतवर्ण ध्वज | पीतवर्ण पताका
इन्द्र, धाता, भग
सुदृढतोरण | पूर्वद्वार | इन्द्र | ऋग्वेद
अनन्त | प्रशान्त | ध्रुव | अथर्वा | शिशिर
आग्नेय कोण (ऊपर-दाएँ):
रक्तवर्ण ध्वज | रक्तवर्ण पताका
अग्नि
योगिनी | मातृका | गणेश | वरुण कलश
दक्षिण दिशा (दाएँ):
श्यामवर्ण ध्वज | श्यामवर्ण पताका
पूषा, मित्र, वरुण
भद्रतोरण | दक्षिणद्वार | यम | यजुर्वेद
पर्जन्य | अशोक
नैर्ऋत्य कोण (नीचे-दाएँ):
कृष्णवर्ण ध्वज | कृष्णवर्ण पताका
निर्ऋति
वास्तुपीठ
पश्चिम दिशा (नीचे):
श्वेतवर्ण ध्वज | श्वेतवर्ण पताका
अर्यमा, अंश, विवस्वान्
सुप्रभोतोरण | पश्चिमद्वार | वरुण | सामवेद
संजीवन | अनिल | अमृत | अनिल
वायव्य कोण (नीचे-बाएँ):
धूम्रवर्ण ध्वज | धूम्रवर्ण पताका
वायु
क्षेत्रपाल
उत्तर दिशा (बाएँ):
सुवर्णवर्ण ध्वज | सुवर्णवर्ण पताका
त्वष्टा, सविता, विष्णु
सुप्रभाततोरण | उत्तरद्वार | सोम | अथर्ववेद
प्रभास | श्रीपद | प्रत्युष | धनद
ईशान कोण (ऊपर-बाएँ):
मेघवर्ण ध्वज | मेघवर्ण पताका
ईशान
ग्रहपीठ
मध्य भाग एवं कुण्ड:
आचार्य-कुण्ड
सर्वतोभद्रवेदी
स्रुक्-स्रुव