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सांख्य दर्शन (सांख्य-प्रवचन सूत्र व हिन्दी व्याख्या सहित)

सांख्य दर्शन (सांख्य-प्रवचन सूत्र व हिन्दी व्याख्या सहित)

Sankhya Darshana with Hindi Commentary

महर्षि कपिल द्वारा

स्रोत: चौखम्बा संस्कृत संस्थान · चौखम्बा संस्कृत संस्थान (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished81 पृष्ठ

पृष्ठ 13, कुल 81 में से

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पृष्ठ 13

( ८ )
से होने वाला दुःख ) ( २ ) मानस ( मनमें काम
क्रोध, लोभ, मोह, भय, ईर्ष्या, विषाद् आदि से
होने वाला दुःख ) ।
[ ३५ ] आधिभौतिकदुःख- मनुष्य, पशु, पक्षी, सर्प
आदि से होने वाला दुःख ।
[ ३६ ] आधिदैविकदुःख-यक्ष, राक्षस, पिशाच आदि से
होने वाला दुःख ।
( ३७ ) व्यक्त के धर्म- ( १ ) हेतुमत्त्व ( सकारणता )
( २ ) अनित्यत्व ( ३ ) अव्यापकत्व ( ४ ) क्रिया-
वत्त्व ( ५ ) नानात्व ( ६ ) आश्रितत्व ( ७ )
लिङ्गत्व ( ८ ) सावयवत्व ( ६ ) परतन्त्रत्व ।
[ ३८ ] अव्यक्त के धर्म- ( १ ) कारणशून्यत्व ( २ )
नित्यत्व ( ३ ) व्यापकत्व ( ४ ) अक्रियत्व ( ५ )
एकत्व ( ६ ) अनाश्रितत्व ( ७ ) अलिङ्गत्व (८)
निरवयवत्व ( ६ ) स्वतन्त्रत्व ।
[ ३९ ] व्यक्त अव्यक्त के साझे के धर्म- ( १ ) त्रि-
गुणत्व ( २ ) अविवेकित्व ( ३ ) विषयत्व ( ४ )
सामान्यत्व ( ५ ) अचेतनत्व (६) प्रसवधर्मित्व।
( ४० ) पुरुष के धर्म-( १ ) अत्रिगुणत्व ( २ ) विवेकित्व
( ३ ) अविषयत्व ( ४ ) असामान्यत्व (५) चेत-
नत्व ( ६ ) अप्रसवधर्मित्व ( ७ ) कारणशून्यत्व
( ८ ) नित्यत्व ( ९ ) व्यापकत्व ( १० ) निष्क्रि-
यत्व ( ११ ) अनाश्रितत्व ( १२ ) अलिङ्गत्व
( १३ ) निरवयवत्व ( १४ ) स्वतन्त्रत्व ( १५ )
नानात्व ( १६ ) साक्षित्व ( १७ ) द्रष्टृत्व (१८)