सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
सङ्गीतरत्नाकर: प्रथम भाग (शार्ङ्गदेव - स्वरगताध्याय सविस्तार व्याख्या व अनुवाद सहित)

सङ्गीतरत्नाकर: प्रथम भाग (शार्ङ्गदेव - स्वरगताध्याय सविस्तार व्याख्या व अनुवाद सहित)

Sangita Ratnakara of Sarangadeva (Svaradhyaya)

शार्ङ्गदेव (अनुवादक: डॉ. आर. के. श्रृङ्गी एवं डॉ. प्रेमलता शर्मा) द्वारा

DevanagariHindipublished251 पृष्ठ

पृष्ठ 251, कुल 251 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 251

450 Treatment of Svara
Page No. Line No. Printed as To be read as
288 1 nyās nyāsa
297 14 auḍuaa auḍuva
307 22 ag-ri ga-ri
24 ag-ri ga-ri
310 30 aḍava ṣāḍava
312 11 pa-ri-a pa-ri-ga
313 28 it-ith it-with
339 9 षा पा
340 13 nl ni
346 17 री री'
349 13 पा, ... तरिरंगं पां ... परिरंगं
17 ग गा
350 7 १५ १६
357 5 नीं नों नों' नी'
371 8 गन्ध.... गायन्ध०
375 4 सरसग चर्म... सरसगजचर्म०
383 15 (ru+vam) (ru+dram)
387 28 अलंकारेविणं अलंकारीपणं
403 32 आन्द्रियन्ते च मे आद्रियन्ते च ये
406 20 subese— subse—
410 30 ध्रुतेश्रतुर्थ्यादे० ध्रुतेश्चतुर्थ्यादे०
" 32 प्रथमतन्त्रूयाम्० प्रथमतन्त्र्याम्०
415 1 Transformatton Transformation