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सङ्गीतपारिजात (अहोबल - वीणा के तारों पर शुद्ध व विकृत स्वर-स्थान निर्धारण का ऐतिहासिक ग्रन्थ)

सङ्गीतपारिजात (अहोबल - वीणा के तारों पर शुद्ध व विकृत स्वर-स्थान निर्धारण का ऐतिहासिक ग्रन्थ)

Sangitaparijata of Ahobala on Indian Musicology

पण्डित अहोबल (टीकाकार: कलानिधि कलिन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished358 पृष्ठ

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पृष्ठ 45

॥ গ্রাম-চক্র ॥

শ্রুতির সংখ্যাশ্রুতির নাম.তর গ্রামসা গ্রামপারিরত্ন মা গ্রামপারিজাতের গা গ্রামরত্নাকরের গা গ্রাম
১তীব্রারে
২কুমুদ্বতী
৩মন্দা
মেরু ৪ছন্দোবতীসাসামামাগাগা
৫দয়াবতী
৬রঞ্জনী
৭রতিকারেরেপাপামামা
৮রৌদ্রী
৯ক্রোধাগাগা
১০বজ্রিকাধাপাপা
১১প্রসারিণীধা
১২প্রীতিঃ
১৩মার্জ্জনীমামানিনিধাধা
১৪ক্ষিতিঃ
১৫রক্তা
১৬সন্দীপিনী
১৭আলাপিনীপাপাসাসানিনি
১৮মদন্তী
১৯রোহিণী
২০রম্যাধাধারেরেসাসা
২১উগ্রা
২২ক্ষোভিনীনিনিগাগারে
১তীব্রারে
২কুমুদ্বতী
৩মন্দা
মেরু ৪ছন্দোবতীসাসামামাগাগা