सङ्गीतमकरन्द (देवर्षि नारद - प्राचीन भारतीय सङ्गीत, राग-रागिनी वर्गीकरण व नाद-ब्रह्म)

सङ्गीतमकरन्द (देवर्षि नारद - प्राचीन भारतीय सङ्गीत, राग-रागिनी वर्गीकरण व नाद-ब्रह्म)
Sangitamakaranda of Narada (Musicology & Raga-Ragini)
देवर्षि नारद (सम्पादक: एम. आर. तेलंग) द्वारा
DevanagariSanskritpublished76 पृष्ठ
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६४ सङ्गीतमकरन्दे ।
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षड्जः ३,३ | सम्भ्रमारी ४९
षड्जकैशिकी १० | शंरा ६
षड्जग्रामः ५ | सशङ्की ३,१२
षड्जमध्य। १० | सर्वारी ६
षड्जादि १० | सामवेदः ३
षण्मुखः १३ | सारस्वती २३
षाडवः १२,२६ | सारिणी ४९
सदाशिवः ३३ | सिद्धा ८
सभापतिः ३९ | सिद्धः ५
सभालक्षणं २७ |
समं ५१ | सुप्रभा ८
समगात्रं ५० | सुमुखी ६
समगीत १० | सूर्यः ५
समगेया ४९ | सैरन्ध्री २२
समुद्रः १३ | स्थायी ३,१२
सरस्वती ३,१३ | स्वरः १४
सर्पसङ्गा ८ | हतः १
सर्वैरत्ना ८ | हनुमान् ३३
सशीर्णरागाः २६ | हरिः १३,३३
सङ्गीतं १ | हरिणाक्षा ६
सञ्चारिणी १२ | हरिश्चन्द्र १३
सञ्चारी ३ | हृदयोन्मलिनी ८
सन्ध्यन्ती १० | हृष्यका ६
सम्पूर्णः १२,२६ | ह्लादी ८