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सर्वकोश
सङ्गीतमकरन्द (देवर्षि नारद - प्राचीन भारतीय सङ्गीत, राग-रागिनी वर्गीकरण व नाद-ब्रह्म)

सङ्गीतमकरन्द (देवर्षि नारद - प्राचीन भारतीय सङ्गीत, राग-रागिनी वर्गीकरण व नाद-ब्रह्म)

Sangitamakaranda of Narada (Musicology & Raga-Ragini)

देवर्षि नारद (सम्पादक: एम. आर. तेलंग) द्वारा

DevanagariSanskritpublished76 पृष्ठ

पृष्ठ 65, कुल 76 में से

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पृष्ठ 65

:परिशिष्टम् १
श्रुतीनां संख्यानामशुद्धविकृतस्वरदर्शकतालिका ।
श्रुतिसंख्या | श्रुतिनामानि | शुद्धस्वर-नामानि | शुद्धस्वर-श्रुतिसंख्या | विकृतस्वरनामानि | विकृतस्वरगत-श्रुतिसंख्या
१ | सिद्धा | ० | ० | कैशिकनिषादः | त्रिश्रुतिकः
२ | प्रभावती | ० | ० | काकलीनिषादः | चतुःश्रुतिकः
३ | कान्ता | ० | ० | च्युतषड्जः | द्विश्रुतिकः
४ | सुप्रभा | षड्जः | चतुःश्रुतिकः | अच्युतषड्जः | ०
५ | शिखा | ० | ० | ० | ०
६ | दीप्तिमती | ० | ० | ० | ०
७ | उग्रा | ऋषभः | त्रिश्रुतिकः | ० | ०
८ | ह्लादी | ० | ० | विकृतर्षभः | चतुःश्रुतिकः
९ | निर्धरी | गान्धारः | द्विश्रुतिकः | ० | ०
१० | दिरा | ० | ० | साधारणगान्धारः | त्रिश्रुतिकः
११ | सर्पसहा | ० | ० | अन्तरगान्धारः | चतुःश्रुतिकः
१२ | क्षान्तिः | ० | ० | च्युतमध्यमः | द्विश्रुतिकः
१३ | विभूतिः | मध्यमः | चतुःश्रुतिकः | अच्युतमध्यमः | ०
१४ | मालिनी | ० | ० | ० | ०
१५ | चपला | ० | ० | ० | ०
१६ | बाला | ० | ० | { त्रिश्रुतिपञ्चमः, कैशिकपञ्चमो वा | त्रिश्रुतिकः
१७ | सर्वंरत्ना | पञ्चमः | चतुःश्रुतिकः | ० | ०
१८ | शान्ता | ० | ० | ० | ०
१९ | विकलिनी | ० | ० | ० | ०
२० | हृदयोन्मलिनी | धैवतः | त्रिश्रुतिकः | ० | ०
२१ | विसारिणी | ० | ० | विकृतधैवतः | चतुःश्रुतिकः
२२ | प्रसूना | निषादः | द्विश्रुतिकः | ० | ०