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सर्वकोश
सङ्गीतदर्पण (दामोदर पण्डित - तंजौर सरस्वती महल संस्करण, सङ्गीत एवं नाट्य लक्षण)

सङ्गीतदर्पण (दामोदर पण्डित - तंजौर सरस्वती महल संस्करण, सङ्गीत एवं नाट्य लक्षण)

Sangita Darpana of Damodara Pandita (TMSSML Edition)

दामोदर पण्डित (सम्पादक: के. वासुदेव शास्त्री) द्वारा

DevanagariSanskritpublished258 पृष्ठ

पृष्ठ 61, कुल 258 में से

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  • (190-196) Classification according to Ragarnava:-
    6 principal ragas, and 5 subordinate ragas attached to
    each of the principal ones.
    (சு. 190-196) ராகார்ணவ மதப்படி ராகங்களின் பிரிவினை:-
    6 முக்ய ராகங்களும் ஒவ்வொரு முக்ய ராகத்துக்கும் சார்பு
    ராகங்கள் 5ம்.
    इदानीं राग रागिण्युदाहरणं प्रारभ्यते ॥
    धैवतांश ग्रहन्यासो रिपहीनोथ मागतः ।
    भैरवस्सतु विज्ञेयः धैवतादिक मूर्छनः ।
    धैवतो विकृतोयत्र औडवः परिकीर्तितः ॥ १९७ ॥
    उदाहरणम् ।
    गङ्गाधरः शशिकलातिलकस्त्रिनेत्रः
    सर्पैर्विभूषिततनुर्गजकृत्तिवासाः ।
    भास्वत्रिशूलकर एष नृमुण्डधारी
    शुभ्राम्बरोजयति भैरव आदिरागः ॥ १९८ ॥