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सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र

Sampurna Chanakya Niti & Rajaniti Sutras

आचार्य चाणक्य (विष्णुगुप्त / कौटिल्य) द्वारा

DevanagariHindipublished196 पृष्ठ

पत्युराज्ञां विना नारी ह्युपोष्य व्रतचारिणी।
आयुष्यं हरते भर्तुः सा नारी नरकं व्रजेत्॥
पति की आज्ञा के बिना जो स्त्री उपवास और व्रत करती
है, वह अपने पति की आयु को कम करने वाली होती
है, अर्थात पति को नष्ट करके सीधे नर्क में जाती है॥१॥
अतः पति की आज्ञा लेकर ही व्रत-उपवास आदि करने
चाहिए, तभी इन कर्मों का उत्तम फल प्राप्त होता है।
न दानैः शुद्ध्यते नारी नोपवासशतैरपि।
न तीर्थसेवया तद्वद् भर्तुः पादोदकैर्यथा॥
स्त्री न तो दान से, न सैकड़ों उपवास-व्रतों से, न तीर्थाटन
करने से उस प्रकार से शुद्ध हो पाती है, जैसे वह अपने पति के
चरण-जल से शुद्ध होती है॥10॥
अतः पति की चरण-सेवा ही स्त्री के कल्याण के लिए उत्तम
है। उसका पति ही उसके लिए परमेश्वर है।
पाद्यशेषं पीतशेषं सन्ध्याशेषं तथैव च।
श्वानमूत्रसमं तोयं पीत्वा चान्द्रायणं चरेत्॥
पैरों के धोने से बचा हुआ, पीने के बाद पात्र में बचा हुआ और
सन्ध्या से बचा हुआ जल कुत्ते के मूत्र के समान है। उसे पीने के
बाद ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य चन्द्रायण व्रत को करें, तभी वे
पवित्र हो सकते हैं॥11॥
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि किसी भी कार्य से बचे हुए
जल को नहीं पीना चाहिए। वह जल अशुद्ध माना जाता है।
उनका मानना है कि पैरों के धोने के बाद बचा हुआ जल,
पीने के बाद बचा हुआ जल तथा सन्ध्या से बचे हुए जल को
जो व्यक्ति पीता है वह चन्द्रायण व्रत करने के उपरान्त
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सम्पूर्ण चाणक्य नीति-11

ही पवित्र हो सकता है। अतः मनुष्य को उपयुक्त बातों
पर अवश्य ध्यान देना चाहिए।
दानेन पाणिर्न तु कंकणेन, स्नानेनशुद्धिर्न तु चन्दनेन।
मानेन तृप्तिर्न तु भोजनेन, ज्ञानेन मुक्तिर्न तु मण्डनेन॥
हाथ की शोभा दान से होती है, न कि कंगन पहनने से, शरीर
की शुद्धि स्नान से होती है, न कि चंदन लगाने से, बड़ों की
तृप्ति सम्मान करने से होती है, न कि भोजन कराने से, शरीर की
मुक्ति ज्ञान से होती है, न कि शरीर का शृंगार करने से॥12॥
भाव यह है कि बाह्याडम्बरों से शरीर को शुद्ध नहीं
किया जा सकता। दान देने, स्वच्छ जल में स्नान करने,
बड़ों का सम्मान करने और उचित ज्ञान प्राप्ति के उपरान्त ही
मनुष्य का जीवन सफल, पवित्र और मोक्ष को प्राप्त होता है।
अतः मनुष्य को इन बाह्य आडम्बरों की तरफ ध्यान नहीं देना
चाहिए।
नापितस्य गृहे क्षौरं पाषाणे गंधलेपनम्।
आत्मरूपं जले पश्यन् शक्रस्यापि श्रियं हरेत्॥
नाई के घर पर जाकर केश कटवाना, पत्थर पर चंदन आदि
सुगंधित द्रव्य लगाना, जल में अपने चेहरे की परछाई देखना,
यह इतना अशुभ माना जाता है कि यदि देवराज इन्द्र भी स्वयं
इसे करने लगें तो उसके पास से लक्ष्मी अर्थात धन-सम्पदा नष्ट
हो जाती है॥13॥
आचार्य का मत है कि नाई के घर जाकर बाल कटवाने से,
पत्थर की देव-प्रतिमाओं पर चंदन लगाने से और अपनी परछाई
को पानी में देखने से आदमी की प्रतिष्ठा नष्ट हो जाती है और
वह शोभाहीन हो जाता है।
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सम्पूर्ण चाणक्य नीति—12

सद्यः प्रज्ञाहरा तुण्डी सद्यः प्रज्ञाकरी वचा।
सद्यः शक्तिहरा नारी सद्यः शक्तिकरं पयः॥
'तुण्डी' (कुंदरू) को खाने से बुद्धि तत्काल नष्ट हो जाती
है, 'वच' के सेवन से बुद्धि को शीघ्र विकास मिलता है, स्त्री
के साथ समागम करने से शक्ति तत्काल नष्ट हो जाती है और
दूध के प्रयोग से खोई हुई ताकत तत्काल वापस लौट आती
है॥14॥
आचार्य चाणक्य ने उपरोक्त श्लोक में आयुर्वेद नीति का
ज्ञान दिया है। उनके अनुसार नारी व्यक्ति को दुर्बल बनाती है,
अतः उससे बचना चाहिए।
बुद्धि और ताकत के लिए 'वच' और 'दूध' का प्रयोग
करना हितकर रहता है, क्योंकि ये दोनों तुरंत असर करने वाले
हैं।
परोपकरणं येषां जागर्ति हृदये सताम्।
नश्यन्ति विपदस्तेषां सम्पदः स्युः पदे पदे॥15॥
जिन सज्जनों के हृदय में परोपकार की भावना जाग्रत रहती
है, उनकी तमाम विपत्तियां अपने आप दूर हो जाती हैं और उन्हें
पग-पग पर सम्पत्ति एवं धन-ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है॥15॥
यहां चाणक्य के कहने का अर्थ यह है कि परोपकार ही
जीवन है। अपना पेट तो पशु भी भर लेता है। यदि पेट पालना
ही जीवन का उद्देश्य है तो मानवता क्या हुई? स्वार्थी मनुष्य
का जीवन निरर्थक है।
यदि रामा यदि च रमा यद्यपि तनयो विनयगुणोपेतः।
यदि तनये तनयोत्पत्तिः सुरवरनगरे किमाधिक्यम्॥
यदि स्त्री सुंदर हो और घर में लक्ष्मी हो, पुत्र विनम्रता आदि
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CC0. Vashishtha Tripathi Collection. Digitized by eGangotri

गुणों से युक्त हो और पुत्र का पुत्र घर में हो तो इससे
बढ़कर सुख तो इन्द्रलोक में भी नहीं। ऐसी स्थिति में स्वर्ग घर
में ही है।। 16।।
आचार्य चाणक्य ने प्रस्तुत श्लोक में बताया है कि उत्तम
पत्नी, आवश्यक धन-धान्य, सुशील पुत्र और पोते आंगन में
खेल रहे हों तो यही सब स्वर्गिक आनंद है।
स्वर्ग कहां है? स्वर्ग आकाश में नहीं है, स्वर्ग इसी भूतल
पर है। आचार्य का सुंदर पत्नी से आशय सिर्फ रूप की सुंदरता
से नहीं है बल्कि गुण की सुंदरता से भी है। गुण की सुंदरता
महान बताई गई है। पत्नी यदि पति धर्म निभाने वाली हो तो
तभी पुरुष के लिए पृथ्वी स्वर्ग समान है। इसी प्रकार पुत्र आदि
आज्ञाकारी हो तभी पुत्र का होना सार्थक है अन्यथा इस पृथ्वी
स्वर्ग समान है, इसी प्रकार पुत्र आदि आज्ञाकारी हो तभी पुत्र
का होना सार्थक है अन्यथा यह पृथ्वी स्वर्ग के बजाय नर्क
समान बन जाती है।
आहरनिद्रामय मैथुननानि, समानि चैतानि नृणा पशूनाम।
ज्ञानपं नराणामधिको विशेषो ज्ञानेन हीनाः पशुभिः समानाः॥
भोजन, नींद, डर, संभोग आदि, ये वृत्ति (गुण) मनुष्य और
पशुओं में समान रूप से पाई जाती हैं। पशुओं की अपेक्षा मनुष्यों
में केवल ज्ञान (बुद्धि) एक विशेष गुण, उसे अलग से प्राप्त
है। अतः ज्ञान के बिना मनुष्य पशु के समान ही होता है।। 17।।
आचार्य चाणक्य ने प्रस्तुत श्लोक में मनुष्य के पशु से अलग
होने का जो गुण बताया है वह है उसकी ज्ञानशक्ति। ज्ञान से
मनुष्य उन्नत होता है। ज्ञान से मनुष्य मोक्ष प्राप्त करता है। ज्ञान
द्वारा ही मनुष्य के नैतिक गुणों का विकास होता है। नैतिक गुण
है सत्य, न्याय, धर्म, हिंसा, परोपकार, दान, विनयशीलता।
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जिस मनुष्य ने अपने में इन नैतिक गुणों को विकसित
कर लिया, उसने अपने ज्ञान चक्षु से अच्छा-बुरा समझना
सीख लिया, उसका ही मनुष्य रूप में जीवन लेना सफल रहा,
अन्यथा यदि मनुष्य रूप में जन्म लेकर खाने, सोने, डरने और
संतान पैदा करने के लिए वह जन्मा है तो पशु समान है।
दानार्थिनो मधुकरा यदि कर्णतालैर्
दूरीकृताः करिवरेण मदान्धबुद्ध्या।
तस्यैव गण्डयुगमण्डनहानिरेषा,
भृङ्गाः पुनर्विकचपद्मवने वसन्ति॥
अपने मद से अंधा हुआ गजराज (हाथी) यदि अपनी
मंदबुद्धि के कारण, अपने गन्डस्थल (मस्तक) पर बहते मद
को पीने के इच्छुक भौरों को, अपने कानों को फड़फड़ाकर
भगा देता है तो इसमें भौरों की क्या हानि हुई? अर्थात कोई हानि
नहीं हुई। वहां से हटकर वे खिले हुए कमलों का सहारा ले लेते
हैं और उन्हें वहां पराग रस भी प्राप्त हो जाता है, परंतु भौरों
के न रहने से हाथी के गंडस्थल की शोभा नष्ट हो जाती
है॥18॥
यदि कोई रसिक विद्वान किसी धनी व्यक्ति के पास कोई आस
लेकर जाए और वह उसे अपमानित करके भगा दे तो इसमें
विद्वान का तो कुछ नहीं बिगड़ता, अपितु उस धनी की शोभा ही
नष्ट हो जाती है। गुणी व्यक्ति के लिए तो सारा संसार पड़ा है, पर
धनी व्यक्ति के घर विद्वान पधारे, यह कोई जरूरी नहीं।
राजा वेश्या यमो ह्यग्निस्तस्करो बालयाचको।
परदुःखं न जानन्ति अष्टमो ग्रामकंटकाः॥
राजा, वेश्या, यमराज, अग्नि, चोर, बालक, भिक्षु और
180

आठों गांव का कांटा, ये दूसरे के दुःख को नहीं
जानते।। 19।।
आचार्य चाणक्य ने उपरोक्त श्लोक के माध्यम से बताया
है कि अग्नि जड़ पदार्थ है, वह तो किसी के दुख-सुख को
जान ही नहीं सकता।
शेष चेतन भी दूसरों के दुख को न जानकर अपने ही घर
को भरने का प्रयत्न करते हैं। राजा जनता को पीड़ित करके
भी अपना कोष भरना चाहता है। वेश्या को धन चाहिए, चाहे
प्रेमी कहीं से लाकर दे। यमराज प्राणियों को समय आने पर
दूसरी योनियों में भेज देता है चाहे परिवार वालों को कितना
ही कष्ट हो।
चोर को अपनी चोरी मतलब है, वह यह नहीं सोचता कि
इस धन को चुराने से उसके स्वामी की क्या दशा होगी? बाल
हठ प्रसिद्धि ही है, वह रोने लगता है तो इस बात को नहीं
सोचता कि किसका नुकसान होता है।
याचक भी अपना ही स्वार्थ सोचता है और ग्राम कण्टक
का तो निर्वाह ही ग्रामवासियों को पीड़ा देकर होता है। वह इस
बात का आभास नहीं करता कि अपने स्वार्थ के लिए वह लोगों
को कष्ट दे रहा है।
अधः पश्यसि किं बाले! पतितं तव किं भुवि।
रे रे मूर्ख! न जानासि गतं तारुण्यमौक्तिकम्॥
नीचे की ओर देखती एक अधेड़ वृद्ध स्त्री से कोई पूछता
है—'हे बाले ! तुम नीचे क्या देख रही हो ? पृथ्वी पर तुम्हारा
क्या गिर गया है ?' तब वह स्त्री कहती है—'रे मूर्ख ! तुम
नहीं जानते, मेरा युवावस्था रूपी मोती नीचे गिरकर नष्ट हो
गया है।' ।।20।।
181

यौवन का मोती एक बार नष्ट हो जाए, अर्थात्
जवानी एक बार चली जाए तो फिर लौटकर नहीं आती। यह
देखकर अपने यौवन को सत्कर्मों में लगाना चाहिए।
व्यालाश्रयापि विफलापि सकण्टकापि,
वक्रापि पंकिलभवापि दुरासदाऽपि।
गन्धेन बन्धुरसि केतकि सर्वजन्तोर्
एको गुणः खलु निहन्ति समस्त दोषान्॥
हे केतकी! यद्यपि तू सांपों का घर है, फलहीन है, कांटेदार
है, टेढ़ी भी है, कीचड़ में ही पैदा होती है, बड़ी मुश्किल से
तू मिलती भी है, तब भी सुगंध रूपी गुण से तुम सभी को प्रिय
लगती हो। वाकई एक ही गुण सभी दोषों को नष्ट कर देता
है॥21॥
भाव यह है कि आदमी में चाहे कितने ही अवगुण क्यों न
हों, पर यदि उसका एक ही गुण सभी दुर्गुणों पर भारी पड़ता
है तो उसके सारे दोषों को अनदेखा किया जा सकता है।

सम्पूर्ण चाणक्य नीति सूत्र व जीवन परिचय (150/-) | कबीर अमृतवाणी (100/-) | कबीर जीवन संदेश (100/-) | हिन्दुओं के व्रत त्योहार (80/-) | जागरण की भेंटें (100/-)
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गांधीजी के आदर्श और उपयोगिता (75/-) | शहीदे आजम भगतसिंह (40/-) | शहीदे-आजम अशफाक उल्ला खां (40/-) | (50/-) | भारत के महान वैज्ञानिक (100/-) | भारत के राष्ट्रपति (100/-) | शेरशाह सूरी (40/-)
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अभ्यारण्यों व जम्मू-कश्मीर से लेकर
कन्याकुमारी तक भारत के सभी प्रमुख राज्यों
में देखने योग्य पर्यटन स्थलों की पूर्ण
जानकारी दी गई है। शहरों व तीर्थ-स्थलों के
ऐतिहासिक तथ्य, प्रमुख होटलों की
जानकारी, मनोहारी हिल स्टेशन, समुद्र-तट
व सुनहरे रेगिस्तान, प्रमुख रेल, सड़क व
वायुमार्गों की भी अच्छी जानकारी दी गई है।

हमारे धार्मिक रीति-रिवाज (110/-)
इस पुस्तक में लेखक ने
हिंदुओं की धार्मिक
मान्यताओं, परम्पराओं,
रीति-रिवाजों व रस्मों का
वैज्ञानिक विश्लेषण करने
का अच्छा प्रयास किया है।
पुस्तक को चार खंडों में
विभक्त किया गया है।
जिज्ञासुओं की जिज्ञासा
शांत करने वाली यह पुस्तक
आपके अंतर्मन में उठने
वाले हर 'क्यों' का जवाब
अपने पन्नों में समेटे हुए है।

हमारे पूज्य तीर्थस्थल (100/-)
तीर्थ यात्रा का हिंदू
संस्कृति तथा हिंदू धर्म में
प्रथम स्थान है। तीर्थ स्वयं
भी देवता हैं। भारत
देवभूमि है, इसके
कण-कण में तीर्थ हैं।
प्रस्तुत पुस्तक तीर्थ
यात्रियों का भरपूर मार्ग
दर्शन करेगी तथा सभी
श्रद्धालु पाठकों को घर
बैठे ही तीर्थ यात्रा का
आनंद प्रदान करेगी।

उठो! जागो!! और चल पड़ो... (60/-)
आचार्य प्रमोदश्री का
कहना है—आज बच्चे को
विकसित करना है तो
माता-पिता को स्नेह का
समुद्र बनना होगा,
अपरिमित धैर्य रखना
होगा, उनकी त्रुटियों को
सदैव सहकर उनमें प्रेमपूर्ण
तरीके से सुधार करना
होगा। प्रस्तुत पुस्तक बच्चों
का सही मार्गदर्शन करने
वाली ज्ञान की कुंजी है।

मधुर वचन हीरों से अनमोल (60/-)
परम पूज्य आचार्यजी
विष्णु के. महाराज श्री की
अनमोल वाणी से निकले
मधुर वचन हीरों से
अनमोल हैं। समय-समय
पर दिए गए समारोहों में
महाराज श्री के प्रवचनों से
निकली यह वचन
भागीरथी है, जो आपके
जीवन प्रवाह में नौका के
समान पार उतारकर ले
जाएगी।

अपने निकट के पुस्तक विक्रेता, ए.एच. व्हीलर एंड कम्पनी के रेलवे बुक स्टॉल व रोडवेज बुक स्टॉल से खरीदें, न
मिलने पर कोई भी 320/- या अधिक मूल्य की पुस्तकें नीचे लिखे पते पर मनीऑर्डर भेजकर घर बैठे प्राप्त करें।
राजा पॉकेट बुक्स 330/1 बुराड़ी, दिल्ली-84 फोन: 27611410,27612036,27612039
CCO. Vasishtha Tripathi Collection. Digitized by eGangotri

भारत के प्रसिद्ध साहित्यकारों की जीवनी व कहानियों पर आधारित प्रामाणिक पुस्तकें!

[प्रेमचंद की 21 श्रेष्ठ कहानियां]
• पूस की रात • बड़े घर की बेटी
• गुल्ली-डंडा • पंच परमेश्वर
• रामलीला • बूढ़ी काकी
• नमक का दारोगा • ज्योति
• ईदगाह • गुप्त-मंत्र
• दो बैलों की कथा • ठाकुर का कुँआ
• लाटरी • आत्माराम
• कज़ाकी • घास वाली
• घर जमाई • घूस
• चैथाई • सद्
• शतरंज के खिलाड़ी
(75/-)

मुंशीजी के वृहत कथा-साहित्य में कुछ कहानियां ऐसी हैं, जो दिलो-दिमाग को झकझोरने और मर्मस्थल को तीव्रता से छू लेने वाली हैं। इन कहानियों को पढ़कर पाठक भाव-विभोर हो उठता है। यही नहीं, बल्कि ये कहानियां पाठक के अंतःस्थल पर ऐसी छाप छोड़ देती हैं, जो हमेशा के लिए अंकित होकर रह जाती है। ऐसी ही 21 बेजोड़, मर्मस्पर्शी और अविस्मरणीय कहानियों को 'प्रेमचंद की 21 श्रेष्ठ कहानियां' नामक प्रस्तुत पुस्तक में संकलित किया गया है।
प्रेमचंद के इस अमर कथा-संग्रह में प्रत्येक कहानी अपने क्षेत्र विशेष का प्रतिनिधित्व करती है। कुल मिलाकर यह पुस्तक राजा पॉकेट बुक्स के लिए ही नहीं, पाठकों के लिए भी गर्व एवं हर्ष का विषय है कि उन्हें राजा पॉकेट बुक्स के माध्यम से ऐसी बहुमूल्य पुस्तक पढ़ने का अवसर मिला।


[भगवान बुद्ध] (50/-)
भारतवर्ष की पवित्र भूमि पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया है। इनमें भगवान गौतम बुद्ध का नाम सर्वोपरि है। इन्हें महापुरुष इसलिए कहा गया, क्योंकि ये सांसारिक सुखों में लिप्त नहीं हुए। इन्होंने संसार के सभी सुखों को ठोकर मारी। एक साधारण मनुष्य से बढ़कर कष्ट सहे। इस पुस्तक में भगवान बुद्ध के अनेक अविस्मरणीय कथा प्रसंगों को लिया गया है।

[शरत्चन्द्र की 31 श्रेष्ठ कहानियां] (75/-)
प्रस्तुत संकलन 'शरत्चन्द्र की 35 श्रेष्ठ कहानियां' में यद्यपि प्रत्येक कहानी अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हुई प्रतीत होती है मगर फिर भी नारी-दरदी, कुत्ता-प्रेमी, निरू दीदी, विधवा-विवाह, पांचू की मां, राजू का साहस और बलि का बकरा आदि कहानियां ऐसी हैं, जो वर्षों तक भुलाई न जा सकें।

[डॉ. हरिवंश राय बच्चन] (60/-)
यह पुस्तक डॉ. हरिवंश राय बच्चन के जीवन परिचय और उनके जीवन के कुछ प्रमुख अनछुए पहलुओं को उजागर करता एक दस्तावेज है जो हर कवित्तप्रेमी के दिलों को भाव-विभोर कर देगा। इन्हें 'मधुशाला' के मनीषी शीर्षक से सम्बोधित किया गया है। इस पुस्तक में 'बच्चन' जी द्वारा लेखक को लिखे हस्तलिखित पत्रों की छाया प्रति भी प्रकाशित की गई है।

[अमिताभ बच्चन] (110/-)
अमिताभ के चाहने वाले पाठकों के लिए तो यह पुस्तक एक अनमोल 'तोहफा' है। साथ ही नई पीढ़ी जो अमिताभ के बारे में पूरी जानकारी चाहती है, उनके लिए भी यह पुस्तक संग्रहणीय दस्तावेज है। पुस्तक पठनीय है, जो अमिताभ बच्चन के जीवन-संघर्ष से रूबरू कराती है।


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खेती-बाड़ी-बागबानी, कानूनी व उपभोक्ता मामलों की जानकारी
से युक्त तथा महिलाओं के लिए ज्ञानोपयोगी प्रामाणिक पुस्तकें!
कुशल गृहिणी
खेती-बाड़ी शौक भी व्यवसाय भी
बागबानी कैसे करें
150/-
100/-
100/-
गृहिणी की आदर्श भूमिका क्या है? विवाह योग्य युवतियों के लिए अत्यंत जरूरी बातें कौन-सी हैं? शादी के बाद नए वातावरण में कैसे ढलें? गर्भावस्था के समय कौन-कौन-सी सावधानियां बरतें? घर-गृहस्थी को सुचारु रूप से कैसे चलाएं। प्रस्तुत पुस्तक में लेखिका ने इन्हीं सब तथ्यों का विवरण प्रस्तुत किया है।
इस पुस्तक में खेती-बाड़ी करने की पूर्ण जानकारी दी गई है जैसे—किस मौसम में किस समय कौन-सी सब्जी बोई जाए, अधिक पैदावार कैसे ली जाए, फसल को कीटों से कैसे बचाया जाए, आदि इन सभी तथ्यों पर लेखक ने बहुत ही सरल भाषा में प्रकाश डाला है।
प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने बागवानी करने के सरल तरीके और उपायों को बताया है। किस प्रकार अपने घर, ड्राइंगरूम, लॉन, टेरेस, ऑफिस की सज्जा करें? किस मिट्टी का चयन करें? कौन-से पौधे लगाएं? पौधों को कीटों से कैसे बचाया जाए? आवश्यक उपकरण कौन-से हैं आदि तथ्यों पर प्रकाश डाला गया है।
सूचना का अधिकार
दीपक कुमार मधेश
कानूनी सलाह आपके लिए
जागो ग्राहक
उपभोक्ता कानून आपके लिए
110/-
110/-
110/-
सूचना का अधिकार सभी नागरिकों को सुशासन की ओर ले जाने वाला अधिकार है और यह भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने में मददगार साबित होगा। पुस्तक में सैद्धांतिक पक्षों का स्पष्टीकरण सरल रूप में किया गया है और व्यावहारिकता पर अधिक जोर दिया है।
प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने कानून की मुख्य धाराओं की परिभाषाओं के साथ उनका सारांश भी दिया है। एफ.आई.आर. गिरफ्तारी, आई.पी. सी. की प्रमुख धाराएं व सजा, आपके अधिकार, अपील, जमानत आदि कानूनी संबंधी अनेक तथ्यों की पूर्ण जानकारी प्रदान की है।
प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने उपभोक्ता को यह बताया है कि वह उपभोक्ता कब माना जाएगा? कौन-सी सेवा इस कानून की परिधि में आती है? ग्राहक को माल क्रय करते समय किन-किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। इस पुस्तक के माध्यम से आम व्यक्ति उपभोक्ता मामलों में काफी जागरूक हो सकता है।
अपने निकट के पुस्तक विक्रेता, ए.एच. व्हीलर एंड कंपनी के सभी रेलवे बुक स्टॉल व रोडवेज बुक स्टॉलों से खरीदें
न मिलने पर 300/- या अधिक मूल्य की पुस्तकें मनीऑर्डर भेजकर घर बैठे प्राप्त करें। डाक व्यय माफ।
राजा पॉकेट बुक्स 330/1, बुराड़ी, दिल्ली-84. Ph. : 27611410, 27612036
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बच्चों के लिए शारीरिक व मानसिक विकास के लिए अति उपयोगी पुस्तकें!
[जूड़ो कराटे] 60/-
[कद लम्बा करें] 80/-
[मोटापे से मुक्ति] 80/-
[डायनैमिक मेमोरी पॉवर] 80/-
इस पुस्तक में जूड़ो-कराटे के साथ-साथ कुंगफू, बॉक्सिंग व जुजुत्सु के विषय में भी विस्तृत जानकारी दी गई है। इस पुस्तक की सहायता से आप शीघ्र ही इन कलाओं में पारंगत होकर अपनी रक्षा स्वयं कर सकते हैं।
छोटा (नाटा) कद जीवन में असफलता, निराशा व कुंठा को जन्म देता है। इस पुस्तक की सहायता से आप अपना कद विकास करके अपने व्यक्तित्व में निखार लाकर जीवन को सफल व सुखमय बना सकते हैं।
मोटापा अनेक रोगों का जनक है। जिससे अनेक रोगों का जन्म होता है। इस पुस्तक में बताए गए उपायों पर अमल करके कुछ ही दिनों में आप अपना वजन कम करके अपने शरीर को सुंदर और आकर्षक बना सकते हैं।
'डायनैमिक मेमोरी पॉवर' मस्तिष्क व स्मरण-शक्ति को विकसित करने वाली एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक है इसमें दी गई विधियों को अपनाकर आप अपनी बुद्धि को 100 गुणा अधिक सजग और कुशाग्र बना सकते हैं।
[बॉडी लैंग्वेज] 80/-
[स्मरण शक्ति कैसे बढ़ाएं] 75/-
[आओ क्रिकेट सीखें] 80/-
[कैरियर कैसे चुनें] 80/-
इस पुस्तक की सहायता से आप किसी भी क्रिया अथवा प्रतिक्रिया के लिए मुख पर उभरने वाले हाव-भाव और हाथ-पैर, आंख, नाक तथा शरीर के अन्य अंगों की मुद्राएं और प्रत्येक व्यक्ति के मनोभावों को समझ सकते हैं।
आज के समय में प्रत्येक छोटे-बड़े, अमीर एवं गरीब अधिकतर व्यक्ति मानसिक रूप से सदैव तनावग्रस्त रहते हैं। इस पुस्तक में लेखक ने तनाव के कारणों और उसके निवारण की चर्चा विस्तार से की गई है।
प्रस्तुत पुस्तक क्रिकेट के कौशल और तकनीक से सम्बंधित एक ऐसी पुस्तक है जो क्रिकेट सीखने के जिज्ञासुओं के लिए एक मार्गदर्शिका सिद्ध होगी। पुस्तक में क्रिकेट सीखने के लिए जरूरी सभी जानकारियां दी गई हैं।
प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने कैरियर निर्माण सम्बंधी अनेक जानकारियां जैसे-पर्यटन, मेडिकल, अभिनय, फार्मेसी, इंटरनेट, ब्यूटीशियन व इनके अतिरिक्त और भी अनेक व्यवसायों की सम्पूर्ण जानकारी सचित्र दी गई है।
इनके अतिरिक्त नीचे दी गई पुस्तकें अगर आपने नहीं पढ़ी हैं तो तुरंत खरीदिए
• सचिन तेंदुलकर 80/- • बच्चों के हास्य-व्यंग्य नाटक 60/- • जागो ग्राहक 110/-
• खेल और उनके नियम 80/- • बच्चों के शिक्षाप्रद नाटक 60/- • कानूनी सलाह आपके लिए 110/-
• फुटबॉल 50/- • बच्चों के प्रेरणादायक नाटक 60/- • भारत के पर्यटन स्थल 150/-
• हॉकी 50/- • विजेता बनने के लिए 95/- • बॉडी लैंग्युएज 80/-
• टेबल टेनिस-लॉन टेनिस 50/- • 2500 हर्बल ब्यूटी टिप्स 120/- • लिखावट में छिपी है आपकी सफलता 110/-
• सानिया मिर्जा 50/- • बॉडी बिल्डिंग कोर्स 100/- • अमर प्रेम कहानियां 80/-
• बच्चों के देशभक्ति नाटक 60/- • नशे से कैसे बचें 80/- • बागबानी कैसे करें 100/-
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न मिलने पर 300/- या अधिक मूल्य की पुस्तकें मनीऑर्डर भेजकर घर बैठे प्राप्त करें। डाक व्यय माफ।
राजा पॉकेट बुक्स 330/1, बुराड़ी, दिल्ली-84. Ph. : 27611410, 27612036

विश्वप्रसिद्ध विचारक स्वेट मार्डेन एवं आत्म ज्ञान पर
आधारित अन्य लेखकों की विशिष्ट पुस्तकों का संग्रह !

• 'मैं' को मारें सब कुछ पाएं (75/-) • आपका व्यक्तित्व ही आपकी कामयाबी (75/-) • सही सोच का सही जादू (75/-) • सोचें नहीं, केवल करें (75/-) • भाग्य आपकी मुट्ठी में (75/-) • 11 रहस्य सफलता के (75/-)
• सुखी जीवन के 25 अनमोल मोती (75/-) • अपना निर्माण स्वयं करें (75/-) • आपके भीतर छिपी हैं अथाह शक्तियां (75/-) • आगे बढ़ो उन्नति करो (80/-) • असफलता में छिपी है आपकी सफलता (75/-) • चिन्ता पर विजय (75/-)
• व्यवहार कुशल बनें (75/-) • हर पल की सावधानी आपकी कामयाबी (75/-) • असफलता से सफलता तक (30/-) • गरीबी से मुक्ति (30/-) • दीर्घायु कैसे बनें (30/-) • जीवन का रहस्य (30/-)
• जब जागो तभी सवेरा (30/-) • अपनी शक्ति को पहचानें (30/-) • शिखर तक पहुँचने के 15 मंत्र (110/-) • सुखी जीवन के 108 ज्ञानसूत्र (195/-) • विजेता बनने के लिए (110/-) • स्मरण शक्ति कैसे बढ़ाएं (75/-)
• सच्चा सुख है आपके आत्मविश्वास में (75/-) • जो झुकता नहीं वो टूट जाता है (75/-) • ओशो एक मसीहा एक अवतार (110/-) • सम्भोग से स्वर्ग तक (110/-) • सही निर्णय सही साधन सम्पूर्ण सफलता (195/-) • जीवन जीना सीखें संत और भक्तों के जीवन से (150/-)

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राजा पॉकेट बुक्स
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प्राचीन साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद, शरत्चंद्र, जयशंकर प्रसाद,
रवीन्द्रनाथ टैगोर तथा बंकिमचंद्र का प्रामाणिक साहित्य

प्रेमचंद साहित्य
▢ प्रेमचंद की 51 श्रेष्ठ कहानियां 150/- ▢ पंच परमेश्वर 40/- ▢ मंझली दीदी- निष्कृति-जागरण 75/-
▢ प्रेमचंद की ▢ बूढ़ी काकी 40/- ▢ बैकुंठ का दानपत्र-परिणीता 75/-
75 लोकप्रिय कहानियां 150/- ▢ ज्योति 40/- ▢ बड़ी दीदी-स्वामी 75/-
▢ रंगभूमि 100/- रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य ▢ ब्राह्मण की बेटी-विन्दो का लड़का 75/-
▢ प्रेमाश्रम 100/- ▢ गोरा 150/- ▢ नवविधान-अरक्षणीया 75/-
▢ कायाकल्प 100/- ▢ गीतांजलि 75/- ▢ देवदास-चन्द्रनाथ 75/-
▢ प्रेमचंद की 21 श्रेष्ठ कहानियां 75/- ▢ आंख की किरकिरी 75/- जयशंकर प्रसाद साहित्य
▢ प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियां 75/- ▢ टैगोर की सर्वश्रेष्ठ कहानियां 75/- ▢ जयशंकर प्रसाद की
▢ प्रेमचंद की 25 अमर कहानियां 75/- ▢ काबुलीवाला व अन्य कहानियां 75/- सर्वश्रेष्ठ कहानियां 150/-
▢ गोदान 100/- ▢ कथा कुमुदिनी 75/- ▢ कामायनी 150/-
▢ गबन 80/- ▢ टैगोर की अमर कहानियां 75/- ▢ कंकाल 150/-
▢ सेवासदन 75/- ▢ बहूरानी 75/- ▢ तितली 150/-
▢ कर्मभूमि 75/- ▢ नौका डूबी 75/- ▢ जयशंकर प्रसाद की
▢ मानसरोवर (खण्ड-1) 80/- ▢ टैगोर का बाल साहित्य 75/- अमर कहानियां 150/-
▢ मानसरोवर (खण्ड-2) 80/- बंकिमचंद्र साहित्य ▢ इरावती 150/-
▢ मानसरोवर (खण्ड-3) 80/- ▢ मृणालिनी 75/- अन्य विश्वप्रसि) साहित्यकार
▢ मानसरोवर (खण्ड-4) 80/- ▢ कपाल कुण्डला 75/- ▢ मां (मैक्सिम गोर्की) 100/-
▢ मानसरोवर (खण्ड-5) 80/- ▢ आनंदमठ 75/- ▢ गोर्की की अमर कहानियां 80/-
▢ मानसरोवर (खण्ड-6) 80/- ▢ चन्द्रशेखर 75/- ▢ मैक्सिम गोर्की की
▢ मानसरोवर (खण्ड-7) 80/- ▢ विषवृक्ष 75/- सर्वश्रेष्ठ कहानियां 80/-
▢ मानसरोवर (खण्ड-8) 80/- ▢ रजनी-इंदिरा (टू-इन-वन) 75/- ▢ शेक्सपियर की कहानियां 80/-
▢ कफन 75/- ▢ सीताराम-युलांगुरीय (” ”) 75/- ▢ अन्टोन चेखव की
▢ वरदान 75/- ▢ दुर्गेशनन्दिनी 75/- सर्वश्रेष्ठ कहानियां 80/-
▢ प्रतिज्ञा 75/- ▢ देवी चौधरानी 75/- ▢ चेखव की अमर कहानियां 80/-
▢ निर्मला 75/- ▢ कृष्णकांत का वसीयतनामा 75/- ▢ लखनऊ की नगर वधू 80/-
▢ मनोरमा 75/- शरत्चंद्र साहित्य ▢ टॉल्सटाय की कहानियां 80/-
▢ अहंकार 75/- ▢ शरत्चन्द्र की 35 श्रेष्ठ कहानियां 75/- ▢ मेघदूत (कालीदास) 80/-
▢ गुल्ली-डंडा 40/- ▢ शरत्चन्द्र की कहानियां 75/- ▢ रोम की नारी 80/-
▢ ईदगाह 40/- ▢ शरत्चन्द्र की अमर कहानियां 75/- ▢ ओ. हेनरी की सर्वश्रेष्ठ कहानियां 80/-
▢ दो बैलों की कथा 40/- ▢ चरित्रहीन 75/- वेदप्रकाश शर्मा के उपन्यास
▢ नमक का दारोगा 40/- ▢ श्रीकांत 75/- ▢ दहकते शहर व्हाइट पेपर पर 30/-
▢ प्रेमचंद जीवन परिचय 40/- ▢ देवदास (नया संस्करण रंगीन चित्रों सहित) 75/- ▢ वतन 30/-
▢ सोजे-वतन 40/- ▢ विराज बहू-देहाती समाज 75/- ▢ गुलिस्तां खिल उठा 30/-
▢ पूस की रात 40/- ▢ विप्रदास 75/- ▢ विकास दी ग्रेट 30/-
▢ रामलीला 40/- ▢ लेन-देन 75/- बाबू देवकीनंदन खत्री के उपन्यास
▢ लॉटरी 40/- ▢ दत्ता 75/- ▢ चंद्रकांता 80/-
▢ कजाकी 40/- ▢ गृहदाह 75/- ▢ चंद्रकांता संतति-1 80/-
▢ घर जमाई 40/- ▢ शुभदा 75/- ▢ चंद्रकांता संतति-2 80/-
▢ दो भाई 40/- ▢ पथ के दावेदार 75/- ▢ चंद्रकांता संतति-3 80/-
▢ शतरंज के खिलाड़ी 40/- ▢ शेष प्रश्न 75/- ▢ चंद्रकांता संतति-4 80/-
▢ बड़े घर की बेटी 40/- ▢ आखिरी परिचय 75/- ▢ चंद्रकांता संतति-5 80/-
▢ काशीनाथ-पंडितजी 75/- ▢ चंद्रकांता संतति-6 80/-

अपने निकट के पुस्तक विक्रेता, ए.एच. व्हीलर एंड कंपनी के सभी रेलवे बुक स्टॉल व रोडवेज बुक स्टॉलों से खरीदें न मिलने पर 500/
-या अधिक मूल्य की पुस्तकें मनीऑर्डर भेजकर घर बैठे प्राप्त करें। डाक व्यय माफ। एम.ओ. पर अपना फोन नम्बर अवश्य लिखें।
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तंत्र-मंत्र-यंत्र के प्राचीन अनुभवी लेखक
तांत्रिक बहल
द्वारा लिखित अत्यंत प्रामाणिक पुस्तक!

असली प्राचीन बृहद्
रावण संहिता
लंकाधिपति दशानन रावण
का सम्पूर्ण जीवन-वृत्त एवं रावण द्वारा
विरचित उड्ड्डीश महातंत्र, कुमार तंत्र,
शिव तांडव स्तोत्र एवं भूत-भविष्य
तथा वर्तमान का ज्ञान कराने वाले
सम्पूर्ण ज्योतिष शास्त्र का अद्भुत एवं
प्रमाणिक एकमात्र ग्रंथ!
तांत्रिक बहल
1000/-

रावण संहिता नामक इस महाग्रंथ
को आठ खंडों में विभक्त किया गया
है। 'रावण संहिता' के प्रथम खंड में
रावण के पूर्वजों व रावण के जन्म से
लेकर उनकी मृत्यु तक के सभी
पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला
गया है। साथ ही रावण की मृत्यु के
समय उनकी अंतिम इच्छा क्या थी
जैसे गूढ़ तथ्यों की भी पूर्ण जानकारी
दी गई है। पुस्तक के द्वितीय खंड में
ग्रह-राशिनुसार जातक के द्वादश भावों
के फलादेश का पूर्ण विवरण दिया गया
है। तृतीय खंड में राशि-नक्षत्रानुसार
फलादेश की विस्तार से जानकारी दी
गई है। चतुर्थ खंड में रावण द्वारा
विरचित गुप्त तंत्र का उल्लेख किया
गया है साथ ही दस महाविधाएं और
उनकी साधनाएं तथा रावण की दस
बुराइयों का उल्लेख किया गया है।

पंचम खंड में रावण विरचित प्रसिद्ध रचना उड्ड्डीश तंत्र का समावेश किया गया है। षष्ठम
खंड में शिव-पार्वती संवाद पर आधारित क्रियोड्डीश तंत्र का उल्लेख किया गया है। साथ
ही महामृत्युंजय उपासना पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। सप्तम खंड में रावण द्वारा
विरचित कुमार तंत्र की व्याख्या की गई है। पुस्तक के अष्टम खंड में रावण द्वारा रचित
प्रसिद्ध ग्रंथ 'अर्कप्रकाश' के दसों शतकों की विस्तारपूर्वक विवेचना की गई है। यह ग्रंथ शरीर
के समस्त रोगों के उपचार पर आधारित है। पुस्तक के अंत में रावण विरचित शिव तांडव
स्तोत्र को दिया गया है। कुल मिलाकर यह पुस्तक गागर में सागर भर देने वाली शैली के
अनुसार लिखी गई है जिसमें रावण से सम्बंधित सभी तथ्यों व ग्रंथों की पूर्ण जानकारी प्राप्त
होती है। अगर आपने इस ग्रंथ को नहीं पढ़ा है तो अवश्य पढ़ें।

अपने निकट के पुस्तक विक्रेता, ए.एच. व्हीलर एंड कंपनी के सभी रेलवे बुक स्टॉल व रोडवेज बुक स्टॉलों से
खरीदें न मिलने पर 1000/- मूल्य का मनीऑर्डर भेजकर घर बैठे प्राप्त करें। डाक व्यय माफ।
राजा पॉकेट बुक्स 330/1, बुराड़ी, दिल्ली-84. Ph. : 23251092, 27611410
CCO. Vasishtha Tripathi Collection. Digitized by eGangotri

CC0. Vasishtha Tripathi Collection. Digitized by eGangotri

राजनीति व कूटनीति के प्रकांड पंडित चाणक्य को कौटिल्य के नाम से
भी जाना जाता है। उन्होंने अपनी कुशाग्र बुद्धि और नीतियों द्वारा
विश्व-विजेता बनने का स्वप्न देखने वाले सिकंदर को तो धूल चटाई ही,
साथ ही अपने अपमान का बदला लेने के लिए शक्तिशाली मगध सम्राट
महानंद का भी सर्वनाश किया। उन्होंने अपनी सूझ-बूझ से सम्पूर्ण
भारत को एकता के सूत्र में पिरोया तथा अपने शिष्य चंद्रगुप्त को भारत
का सम्राट घोषित किया। भारतीय इतिहास में चाणक्य का नाम सदैव
अमर रहेगा। प्रस्तुत पुस्तक में सुंदर व सरल भाषा में चाणक्य की
नीतियों को प्रस्तुत किया गया है।
राजा पॉकेट बुक्स
ISBN : 81-7604-812-7
Price ₹. 80
A.H.W. TIGER SERIES