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सर्वकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 265, कुल 310 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 265

करते हैं. आप दोनों मिल कर किसी भी युद्ध में यजमान को हारने नहीं देते हैं. (७)
त्व ॐ ह त्यत्पणीनां विदो वसु सं मातृभिर्मर्जयसि स्व आ दम ऋतस्य धीतिभिर्दमे.
परावतो न साम तद्यत्रा रणन्ति धीतयः.
त्रिधातुभिरुषीभिर्वयो दधे रोचमानो वयो दधे.. (८)
हे सोम! आप ने व्यापारियों से धन पाया. आप मातृ जल से पवित्र किए जाते हैं. आप
के लिए गाए जाने वाले सामगान यज्ञ स्थान से बहुत दूर दूर तक गूंजते हैं. आप स्वर्गलोक,
अंतरिक्षलोक एवं पृथ्वीलोक तीनों ही जगह सुशोभित होते हैं. आप हमें दीर्घायु कीजिए. (८)
तीसरा खंड
उत नो गोषणिं धियमश्वसां वाजसामुत. नृवत्कृणुहूतये.. (१)
हे पूषा! आप हमारी बुद्धि की रक्षा कीजिए. हमारी बुद्धि हमें गोधन, अश्वधन व धन
प्राप्त कराती है. (१)
शशमानस्य वा नरः स्वेदस्य सत्यशवसः. विदाकामस्य वेनतः.. (२)
हे मरुद्गण! सत्य हमारा बल है. हम यज्ञ करते हुए पसीने से तर हो गए हैं. आप ऐसे
उपासकों की मनोकामनाएं पूरी करने की कृपा कीजिए. (२)
उप नः सूनवो गिरः शृण्वन्त्वमृतस्य ये. सुमृडीका भवन्तु नः.. (३)
हे मरुद्गण! आप प्रजापति के पुत्र हैं. आप अमर हैं. आप हमें सुखी बनाने की कृपा
कीजिए. आप स्तुतियां सुनने की कृपा कीजिए. (३)
प्र वां महि द्यावी अभ्युपस्तुतिं भरामहे. शुची उप प्रशस्तये.. (४)
हे स्वर्गलोक! हे पृथ्वीलोक! हम स्तुतियों से आप के समीप पहुंचते हैं. हम आप दोनों
लोकों के लिए भरपूर स्तुतियां उच्चारते हैं. (४)
पुनाने तन्वा मिथः स्वेन दक्षेण राजथः. ऊह्याथे सनादृतम्.. (५)
हे देवी! आप स्वर्गलोक व पृथ्वीलोक को पवित्र करती हैं. आप प्रकाशवती हैं. आप
यज्ञ की परिपाटियों का निर्वाह करती हैं. (५)
मही मित्रस्य साधथस्तरन्ती पिप्रती ऋतम्. परिं यज्ञं निषेधथुः.. (६)
हे देवियो! हे अंतरिक्षलोक! यजमान आप के सखा हैं. आप यजमान की मनोकामनाएं
पूरी करते हैं. आप यज्ञ को पूर्ण कराते हैं. आप यज्ञ को पूरा सहयोग देते हैं. (६)
अयमु ते समतसि कपोत इव गर्भधिम्. वचस्तच्चिन्न ओहसे.. (७)
हे इंद्र! हमारी स्तुतियां स्नेह से आप के पास उसी तरह पहुंचती हैं, जैसे कबूतर प्रेम से
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