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सर्वकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 102, कुल 310 में से

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पृष्ठ 102

आप की मात्रा बढ़ाई जाती है. जैसे श्येन (बाज) पक्षी अपने स्थान पर स्थित रहता है, वैसे ही
आप यज्ञ में अपने निर्धारित स्थान पर विराजिए. (७)
पवस्व दक्षसाधनो देवेभ्यः पीतये हरे. मरुद्भ्यो वायवे मदः.. (८)
हे सोम! आप हरीहरी आभा वाले व शक्तिमान हैं. देवों और मरुद्गणों के पीने के लिए
कलश में पधारिए. (८)
परि स्वानो गिरिष्ठाः पवित्रे सोमो अक्शरत्. मदेषु सर्वधा असि.. (९)
यह सोमरस पवित्र पात्र में छाना जा रहा है. यह पर्वत पर उत्पन्न होता है. आप सब से
ज्यादा आनंददायी हैं. (९)
परि प्रिया दिवः कविर्वया ॣ सि नप्त्योर्हितः. स्वानैर्याति कविक्रतुः.. (१०)
हे सोम! आप बुद्धि को बढ़ाने वाले और ज्ञानी हैं. आप का रस निकालने के लिए दो
फलकों (स्वर्गलोक और पृथ्वी) के बीच में रखा जाता है. आप का रस निकाल कर यज्ञ करने
वाले अपना यज्ञ साधते हैं. (१०)
दूसरा खंड
प्र सोमासो मदच्युतः श्रवसे नो मघोनाम्. सुता विदथे अक्रमूः.. (१)
हे सोम! आप प्रसन्नता बढ़ाने वाले हैं. आप को हवि देने के लिए निचोड़ा गया है. आप
को अन्न और यश प्राप्ति के उद्देश्य से इन कलशों में भरा गया है. (१)
प्र सोमासो विपश्चितो ऽ पो नयन्त ऊर्मयः. वनानि महिषा इव.. (२)
हे सोम! आप बुद्धि बढ़ाने वाले हैं. आप पानी की लहरों की तरह कलशों में जाते हैं.
आप वन के पशुओं की तरह पवित्र पात्र में पधारते हैं. (२)
पवस्वेन्दो वृषा सुतः कृधी नो यशसो जने. विश्वा अप द्विषो जहि.. (३)
हे सोम! आप बल और इच्छा पूर्ति के लिए निचोड़े गए हैं. आप हमें यशस्वी बनाइए.
आप हमारे सभी शत्रुओं को नष्ट कीजिए. (३)
वृषा ह्यसि भानुना द्युमन्तं त्वा हवामहे. पवमान स्वर्दृशम्.. (४)
हे सोम! आप इच्छा पूर्ति, पवित्र करने वाले व प्रकाशमान हैं. आप सब को एक नजर
(समान दृष्टि) से देखते हैं. हम इस यज्ञ में आप को आमंत्रित करते हैं. (४)
इन्दुः पविष्ट चेतनः प्रियः कवीनां मतिः. सृजदश्व ॣ रथीरिव.. (५)
हे सोम! आप चेतना देने वाले हैं. आप सभी को प्रिय हैं. विद्वानों की स्तुति के साथ
आप को पात्रों में छाना जाता है. जैसे सारथी घोड़े को वश में रखता है, वैसे ही आप को धार
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