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साहित्यदर्पण (आचार्य विश्वनाथ - वाक्यं रसात्मकं काव्यम् सटीक)

साहित्यदर्पण (आचार्य विश्वनाथ - वाक्यं रसात्मकं काव्यम् सटीक)

Sahityadarpana of Vishwanatha with Hindi Commentary

कविरत्न आचार्य विश्वनाथ / पं. शालिग्राम शास्त्री द्वारा

DevanagariSanskritpublished506 पृष्ठ

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पृष्ठस्य पङ्क्तौ | पृष्ठस्य पङ्क्तौ
औदार्यम् ... . १०७ २ | माधुर्यम् .. ... १३० ४
नायिकाभेदाः ... १०७ ४ | प्रगल्भता .. ... १३० ११
स्वस्त्री .. . १०७ ९ | औदार्यम् ... ... १३० १८
मुग्धा . . ... १०८ ३ | धैर्यम् ... . १३१ ४
मध्या... . ११० ४ | लीला ... १३१ ११
प्रगल्भा ... १११ ३ | विलास ... १३२ २
मध्या धीरा ⎫ | विच्छित्ति .. ... १३२ १०
मध्या धीराधीरा ⎬ ११३ ७ | विव्वोक १३३ २
मध्याधीरा ⎭ | किलकिञ्चितम् .. १३३ ९
प्रगल्भा धीरा ... ११४ ८ | मोहायितम् .. . १३४ ३
प्रगल्भा धीराधीरा ... ११४ १६ | कुट्टमितम् ... १३४ ८
प्रगल्भाधीरा . .. ११५ ४ | विभ्रम .. १३४ १४
भेदाख्यानम् . ११५ ७ | ललितम् १३५
कुलटा . ... ११६ २ | मद ... ... १३५ ११
कन्या... ... ११६ ११ | विहृतम् १३६ ४
वेश्या .. ... ११७ ३ | तपनम् १३६ ९
भेदाख्यानम् . १२० २ | मौग्ध्यम् १३७ २
स्वाधीनभर्तृका . १२० ७ | विक्षेप १३७ ८
खण्डिता ... १२० १० | कुतूहलम् १३७ १४
अभिसारिका . १२० १३ | हसितम् .. . १३८
अभिसारिकाभेदा ... १२१ ३ | चकितम् . १३८
अभिसारस्थानानि . १२१ ११ | केलि . ... १३८ १४
कलहान्तरिता ... १२२ ३ | मुग्धाकन्ययोरनुरागेङ्गितानि १३९ १
विप्रलब्धा ... . १२२ १० | सर्वामामसुरागेङ्गितानि १३९ ८
प्रोषितभर्तृका १२२ १५ | दूत्य १४१ ६
वासकसज्जा ... १२३ २ | दूतीगुणा . ... १४२ ३
विरहोत्कण्ठिता १२३ १३ | प्रतिनायकः .. १४२ ८
भेदाख्यानम् ... १२८ २ | उद्दीपनविभावा १४३ ११
नायिकालङ्कारा १२८ २ | अनुभावा १४३ ८
तत्र, भाव . १२८ २ | सात्त्विका १४४ २
हाव १२८ ८ | तत्र, स्तम्भादय . १८४ ७
हेला .. १२८ १६ | स्तम्भादीना लक्षणानि १४४ १०
शोभा .. १२९ ५ | व्यभिचारिण ... . १४६ ३
कान्तिः १२९ १२ | तत्र, निर्वेद ... १४६ १२
दीप्तिः . १२९ १६ | आवेग ... ... १४७ २