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सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished454 पृष्ठ

पृष्ठ 219, कुल 454 में से

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आयुर्दाय विचार : २०७

प्रथम स्थान में योगकारक हो तो मध्यायु ४८ वर्ष की, वहाँ से पंचम में हो तो

६० वर्ष की नवम में हो तो ७२ वर्ष की होगी। लग्नेश स्थित राशि से प्रथम स्थान

में योग कारक हो तो दीर्घायु ८४ वर्ष की, पंचम में हो तो ९६ वर्ष की, नवम में हो

तो १०८ वर्ण की आगु होगी । (१०) अन्य रीति से अल्प दीर्घ आयु विचार

(१) लग्न स्पष्ट % ५+ स्पष्ट गुछिक=स्पष्ट 'प्राण' ( जीव ) ।

(२) चन्द्र स्पष्ट > ८ --गुलिकऱ्स्पष्ट देह्‌ ।

(३) स्पष्ट गुलिक % ७--सूर्य स्पण्ट=स्पष्ट मृत्यु ।

जव जीव और देह का योग मृत्यु से वड़ा हो तो--दीर्घायु ।

जव जीव और देह का योग मृत्यु से कम हो तो--अल्पायु ।

जीव + मृत्यु + देह = इनके योग से जो राशि आवे उसमें शनि पहुँचे तब धन

का नाश हो । या योग राशि से ५, ९ भाव में या उस योग राशि में जिस राशि का

नवांश हो उस राशि पर शनि जावे तव मरण होगा । भाव से त्रिकोण में शनि हो तो

उस भाव का नाश हो या भावेश के कोण में गुरु के पहुचने पर मृत्यु हो ।

आयु के किस भाग में क्या होगा इसका चमत्कारिक योग

जन्म नक्षत्र, जन्म राशि और अपनी आयु लेना इस संख्याओं का योग करना ।

इस योग को ३ स्थान में रखकर क्रमशः ७, ८ और ६ से भाग देना जो शेष बचे

उससे फल विचारना ।

आदि अंत में ० शेष--दुःख उदाहरण नाम गुमाळ

वीच में ० शेष--धनक्षय धनिष्ठा नक्षत्र संख्या २३

तींनों में ० शेष--मृत्यु राशि कुम्भ संख्या ११

तीनों में शेष अंक वचे तो--जय आयु ७२ वर्ण ७२

योग १०६

(१) योग १०६--७=१५३मशेष १ यहाँ तीनों में शेष अंक बचा--जय

(२) योग १०६-- ८=१२३=शेष २ यदि (१) और (३) में ° बचता तो दुख

(३) योग १०८-+ ६=१७६मशेष ४ केवल (२) में ० बचता तो--धनक्षाय

ह (१) (२) (३) तीनों में ० बचता तो-मृत्यु आयु खंड़ पर से दुःख सुख विचार

जीवन को ३ खंड में बांटा है इससे प्रत्येक ४ भाव का १ खंड हुआ ।

पहिला खंड--१२, १, २, ३ भाव ।

दूसरा खंड--४, ५, ६, ७ भाव ।

तीसरा खंड--८, ९. १०, ११ भाव ।

जिस खंड में शुभ ग्रह अधिक हों उस खंड में सुख होगा । जिस खंड में पाप ग्रह

` अधिक हो उस खंड में दुख होगा । जहाँ मिश्रित हों वहाँ दुख सुख मिश्रित फल होगा ।

यहाँ गणित से या पूव रीति से प्राप्त आयु के ४ भाग करना और उसके अनुसार