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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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पंचाङ्ग के अंग : ७३

पूणिमा और अमावस्या के नाम

तिथिचतुर्दशी मिश्रितप्रतिपदा मिश्रित
अमावस्या ३०सिनीकुह
पूणिमा १५अनुमतिराका

( २ ) वार ( दिन ) Day

यह पंचांग का दूसरा अंग है। पंचांग में तिथि के पास वार दिया रहता है। वार ७ हैं।

क्रमवार नामफारसी नामअंग्रेजी नाम
१रविवार—सूर्यवार
(इतवार)आदित्यवारएक संवा
Sunday
२चन्द्रवार
(सोमवार)दुसंवा (पीर)Monday
३भोमवार
(मंगलवार)शिशंवाTuesday
४बुधवारचहार संवाWednesday
५गुरुवार
(बृहस्पतिवार)पंच संवा (जुमेरात)Thursday
६शुक्रवार
(शुक्रवार)जुमाFriday
७शनिवार
(शनीचर)संवाSaturday

ये दिन के नाम ग्रहों के उमर से पड़े हैं। जिस ग्रह का होरा प्रातः काल होता है उसी ग्रह के नाम से उस दिन का नाम पड़ता है। पृथ्वी भर में सर्वत्र इसी क्रम से ही दिन माने जाते हैं और ७ दिन होते हैं।

ग्रहों का होरा

आकाश में पृथ्वी से अधिक दूरी के क्रम से— इस प्रकार ग्रहों की स्थिति है— (१) शनि, (२) गुरु, (३) मंगल, (४) रवि, (५) शुक्र, (६) बुध, (७) चन्द्र। अर्थात् पृथ्वी से सबसे पास चन्द्र हैं फिर उससे कुछ दूर बुध, फिर शुक्र, फिर रवि, मंगल, गुरु और शनि क्रम से एक दूसरा ग्रह अधिक दूरी पर है। होरा के विचार में उपर्युक्त ग्रहों का क्रम जिसमें आदि शनि है लिया है, क्योंकि पृथ्वी से शनि सबसे अधिक दूरी पर है चित्र सं० ४ देखें।

१होरा एक घंटे का होता है इस कारण होरा (Hour) को घंटा भी कहते हैं। दिन रात में २४ घंटा होते हैं। इस प्रकार दिन रात में २४ होरा हुए। ७ ग्रहों का प्रभाव क्रमशः एक २ होरा में होता है—२४ होरा ÷ ७ ग्रह=३.३३। अर्थात् २४ घंटा में ७ ग्रह के पूरे ३ चक्कर होकर शेष ३ होरा (घंटे) बच रहते हैं, जिसमें प्रति ग्रह १ घंटा के हिसाब से ३ ग्रह और भोग सकते हैं। इस प्रकार ३ ग्रह और भोग चुकते हैं। इस प्रकार ( २४ घण्टे ) पूरे होने पर चौथे ग्रह के होरा में दूसरे दिन का आरम्भ होता है।

जैसे प्रातः शनि का होरा या शनि से दूसरा गुरु, तीसरा मंगल का होरा, शनिवार के २४ घंटा में व्यतीत हो गये। अब दूसरे दिन प्रातः काल चौथा ग्रह ( शनि से