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सर्वकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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साथन सूर्य जानने की स्थूल रीति : १११

६ कल्या४० फा००टो पापी०५-३-२०५-६-४०५-१०-०
हस्तपूव गठा५-१३-२०५-१६-४०५-२०-०५-२३-१०
चिनावेपो०५-२६-४०६-०-०००
७ तुलाचिना०यारी००६-३-२०६-६-४०
स्वातो०रेता६-१०-०६-१३-२०६-१६-४०६-२०-०
विशाखातीतू तो०६-२३-२०६-२६-४०७-०-००
८ वृश्चिकविशाखा००तो०००७-३-२०
बहुपाधानानी नूने७-६-४०७-१०-०७-१३-२०७-१६-४०
ज्येष्ठानोया गीयू७-२०-०७-२३-४०७-२६-४०८-०-०
९ धनमूलयेगो माभी८-३-२०८-६-४०८-१०-०८-१३-२०
पू० भा०भूच फाठ८-१६-४०८-२०-०८-२३-२०८-२६-४०
उ० भा०भे००९-०-००००
१० मकरउ० भा००भो जाजी९-३-२०९-३-२०९-६-४०९-१०-०
अनखीछू खेखो९-१३-२०९-१६-४०९-२०-०९-२३-२०
धनिष्ठागागी०९-२६-४०१०-०-०००
११ कुम्भधनिष्ठा००ने००१०-३-२०१०-६-४०
शतभि०गो सासीसू१०-१०-०१०-१३-२०१०-१६-४०१०-२०-०
पू० भाद्र०सेसो वा०१०-२३-२०१०-२६-४०११-०-००
१२ मीनपू० भाद्र०००दो०००११-३-२०
उ० भा०डुब घब११-६-४०११-१०-०११-१३-२०११-१६-४०
रेवतीवेदो वाची११-२०-०११-२३-२०११-२६-४०१२-०-०