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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

पृष्ठ 170, कुल 288 में से

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पृष्ठ 170

१५२ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड

दृष्टियोगग्रहों का अन्तरफलचिह्नदीर्घांश
दृष्टियोग नामराशि या अंश
१-साई केन्द्रयोग
Semi Square or
Semi Quartile१३=४५अशुभ∠ या
S □२-३ अंश
२-द्विरेकादश (द्विराश्यंतर)
Sextile२=६०शुभ* या
  • | २-३
    ३-केन्द्र (वर्तुलपाद) Square | ३=९० | अति शुभ | □ | ४-५
    ४-त्रिकोण (नवम-पंचम) Trine | ४=१२० | अति शुभ | △ | ४-५
    ५-साई चतुष्टय राश्यंतर
    Sesqui quadrate | ४३=१३५ | अशुभ | ⊥ या
    ⊠ | २-३
    ६-षड्स्क
    Quincunx | ५=१५० | अशुभ | ∇ या
    ∟ | २-३
    ७-पूर्ण दृष्टियोग ( प्रतियोग )
    प्रतियुति (सप्तम दृष्टि)
    Opposition | ६=१८० | अशुभ | ⊙ या
    ⊗ | ८-१०
    ८-युति दृष्टियोग
    ( युति योग )
    Conjunction | ० राशि
    अंश | युति करने वाले
    ग्रह के शुभाशुभ | ⊙ | ८-१०
    | समान | धर्म पर अवल-
    म्बित है | |
    ९-एक राश्यंतर युति
    Semi Sextile | १=३० | सदा अच्छा | ∨ या
    S * | २-३
    Semi Quintile | | | |
    १०-चक्र दशमांश Quintile | १३=३३ | | ⊥ | २-३
    ११-चक्र पंचमांश
    Biquintile | २३=७२ | कुछ अच्छा | Q | २-३
    १२-चक्र साई द्वितीयंश | ४३=१४४ | " | ± | २-३
    १३-समकांति दृष्टियोग
    Parallel or
    Declination | जब नाईवृत्त युति
    से बराबर कांति समान
    अन्तर पर हो | | P | २