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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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कुण्डली बनाने के लिए लगन निकालना : ११७

मान लो किसी का जन्म २ बजे रात का है। यदि ६ बजे सूर्योदय हुआ है तो सूर्योदय से ( १२-६ )=६ घण्टा दोपहर तक+१२ घण्टा आधी रात तक + २ घण्टा और=२० घण्टा हुआ था=२४ घण्टा अर्द्ध रात्रि तक + २ घंटा= २६ घंटा-६ घंटा सूर्योदय के=२० घंटा-२=१० राशि। १ राशि २ घंटा में हुई तो २० घंटा में १० राशि हुई। सूर्य वृष राशि का है तो वृष राशि से १ गिना तो १० की राशि कुंभ हुई। यही कुंभ लगन उस समय होगी।

यदि जन्म २-२५ बजे मध्याह्न का है=१२+( २-२५ )=१४ घंटा २५ मि० इसमें से ६ बजे सूर्योदय का घटाया तो ६-२५ रहे। इसमें २ का भाग दिया तो ४ बार पूरा भाग लग गया और शेष बचा उसकी पाँचवीं राशि हुई। वृष से पाँचवीं राशि कन्या हुई। इस कारण उस समय कन्या लगन होगी।

इसी प्रकार सूर्योदय से जन्म समय तक घंटा मिनट गिन कर २ का भाग देने से और सूर्योदय की राशि से उतनी संख्या गिनने पर इसका अनुमान हो जाता है कि उस समय लगन में कौन राशि होगी।

मान लो रात्रि का समय है और चन्द्र विखता है तो पंचांग से देखलो कि चन्द्र किस राशि पर है। पञ्चांग विषय में दैनिक चन्द्र देखना बतला दिया गया है। सूर्य देख कर जिस प्रकार कुण्डली बनाई थी यही उसी प्रकार चन्द्र देखकर कुण्डली बना लेना। जिस स्थान पर चन्द्र आकाश में दिखेगा उसी स्थान पर चन्द्र लिखकर चन्द्र की राशि भी लिख देंगे और क्रमानुसार आगे की राशियाँ भर देंगे तो लगन कुण्डली बन जायगी।

जैसे कन्या राशि का चन्द्र जन्म समय सिर पर है अर्थात् दशम स्थान में है तो दशम भाव में चन्द्र और चन्द्र की राशि का अंक ६ लिख कर आगे की राशियाँ क्रम पूर्वक भर देने से घन लगन आ जाती है। यह लगन कुण्डली बन गई। यहाँ सूर्य भी लिख दो। अपने को पहले से मालूम है कि इस समय वृष राशि का सूर्य है। जहाँ वृष राशि हो सूर्य लिख दो। यहाँ षष्ठ भाव में वृष राशि है इस कारण षष्ठ भाव में सूर्य लिख दिया।

चन्द्र यदि और कोई स्थान में हो तो आकाश में चन्द्र जिस भाव में दिख रहा हो उस भाव में चन्द्र और उसकी राशि लिख कर उपर्युक्त रीति से कुण्डली बना लो तो लगन निकल आवेगी।

यदि चन्द्र भी नहीं है और अंधेरी रात है तो तारागणों को देखो कौन नक्षत्र